फीफा वर्ल्ड कप का फीवर चंडीगढ़ के भी सिर चढ़ कर बोल रहा है। इस फीवर को नापने का एक थर्मामीटर है सेक्टर-17 के फुटबॉल स्टेडियम में लगा समर कैंप।
इस साल कैंप में बच्चों की संख्या अचानक तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है। यही हाल सेक्टर-28 और सेक्टर-42 की फुटबॉल अकादमी का है। यह क्रेज ऐसा है कि पार्कों में भी बच्चे फुटबॉल लेकर उतर जाते हैं।
पार्क में जब किसी सैर करने वाले के सामने से सनसनाती हुई बॉल निकलती है तो वह बस इतना ही कह पाता है- ए फुटबॉल-शुटबॉल हाय रब्बा।
होस्टलों में बंटे खेमे
फुटबॉल का क्रेज यहीं खत्म नहीं होता। अभी तो हमने यूनिवर्सिटी और कालेजों के होस्टलों की बात आपको बताई ही नहीं। आज रात डेढ़ बजे मैच आने वाला है। स्टूडेंट्स ने देखने की पूरी तैयारी कर ली है। सबने अपने-अपने स्टार खिलाड़ी और टीमें बांट ली हैं। कोई पुर्तगाल का दीवाना है तो कोई ब्राजील, जर्मनी और अर्जेंटीना का। पहला मुकाबला ब्राजील और क्रोएशिया का है।
ऐसी दीवानगी
सेक्टर-17 के फुटबाल स्टेडियम में हर बार जून में समर कैंप लगता है। कोच संदीप सिंह के अनुसार इस बार कैंप में पचास से ज्यादा बच्चे हैं। पहले इनकी संख्या महज पंद्रह-बीस होती थी। कैंप में अभ्यास कर रहे जोशवीर बड़े जोश से कहता है-मुकाबला रात एक बजे के बाद होगा मगर में रात को जाग कर जरूर देखूंगा। वह मैसी का दीवाना है। यही बात हैप्पी और वहां मौजूद सभी बच्चों के मुंह में है। हैप्पी क्रिस्टीनो रोनाल्डो का फैन है।
ट्रेनिंग पर जोर
सेक्टर-28 स्थित सेंट सोल्जर फुटबाल अकादमी में इस बार 40 बच्चे अभ्यास कर रहे हैं। कोच बी गांगुली के अनुसार पिछले साल सिर्फ 15 बच्चे उनके पास थे। सेक्टर-42 की फुटबाल अकादमी के कोच हरजिंदर सिंह के अनुसार उनके पास तीस बच्चे ट्रेनिंग ले रहे हैं। फुटबाल का क्रेज इस बार खूब है।