उरुग्वे ने भले इटली को वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता दिखा दिया हो, लेकिन टीम के सुपर स्टार लुई सुआरेज नई मुश्किल में फंस गए हैं।
उन पर इटली के मिडफील्डर जॉर्जियो शिलीनी पर दांत गड़ाने या काटने का आरोप लगा है। सुआरेज के करियर में तीसरी बार अपने विपक्षी खिलाड़ी को दांत से काटने का आरोप लगा है।
शिलीनी ने मैच रेफरी को टी-शर्ट नीचे कर दांत से काटे जाने का निशान भी दिखाया लेकिन रेफरी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
यह सब चलता रहता हैः सुआरेज
29 साल के जॉर्जियो किएलीनी ने मैच रेफरी मार्को रोड्रिगेज की ओर भागकर उन्हें कंधे पर काटे जाने का निशान दिखाया। शिलीनी ने मैच के बाद कहा, "सुआरेज सनकी हैं। मैं देखना चाहूंगा कि फीफा मैच के वीडियो का इस्तेमाल सुआरेज के खिलाफ सबूत के तौर पर करे। रेफरी ने निशान तो देखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।"
दूसरी ओर, सुआरेज ने उरुग्वे के टेलीविजन से कहा, "मैदान में यह सब चलता रहता है। हम दोनों एक-दूसरे से टकराए और उसने मुझे अपने कंधे से धक्का दिया। ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, इसको लेकर हाय तौबा मचाने की जरूरत नहीं है।"
दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई टक्कर के बाद सुआरेज जमीन पर अपना मुंह पकड़ कर बैठ गए थे। वे इशारा कर रहे थे कि उनके मुंह पर कंधा मारा गया।
दोषी होने पर लग सकता है 24 मैचों का बैन
फीफा की प्रवक्ता ने बीबीसी स्पोर्ट्स से कहा, "हम मामले के सभी पहलूओं को एकत्रित कर रहे हैं।" फीफा कोई जांच शुरू करने से पहले रेफरी की रिपोर्ट को देखेगी। वैसे फीफा के पास मैच अधिकारी की नजरों से छूट गए मामले में भी सजा सुनाने का अधिकार है।
अगर लुइस सुआरेज दोषी पाए गए तो उन पर 24 मैचों या फिर 2 साल की पाबंदी लग सकती है। वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे लंबी पाबंदी 8 मैचों की है, जो 1994 में स्पेन के खिलाड़ी लुइस एनरीक की नाक तोड़ने के लिए इटली के मार्रो तासोटी पर लगी थी।
2006 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में मार्को मतरात्जी को सिर से टक्कर मारने के चलते फ्रांस के सुपर स्टार फुटबॉलर जिनेदिन जिदान पर 3 मैचों की पाबंदी लगी थी।
अपनीपुरानी आदत से मजबूर हैं सुआरेज
हालांकि लुइस सुआरेज पहले भी इन आरोपों के तहत सजा भुगत चुके हैं। अप्रैल, 2013 में प्रीमियर लीग के एक मैच के दौरान ब्रायनस्लेव इवानोविच को दांत से काटने पर लिवरपुल के खिलाड़ी सुआरेज पर 10 मैचों की पाबंदी लगाई गई थी।
इससे पहले 2010 में विपक्षी खिलाड़ी को काटने के आरोप पर सुआरेज पर 7 मैचों की पाबंदी लगाई गई थी।
फीफा के उपाध्यक्ष जिम बॉयस ने कहा, "लुइस सुआरेज एक शानदार खिलाड़ी हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन उनके कारनामों के चलते उनकी आलोचना हो रही है। फीफा को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर सुआरेज के खिलाफ सख्त फैसला लेना चाहिए।" फीफा के मेडिकल कमीशन के चेयरमैन माइकल डहूगे के मुताबिक इस मामले में सुआरेज को सजा मिल सकती है।