दुनिया के सबसे रोमांचक खेल आयोजन का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। वर्ल्ड कप फुटबॉल 2014 की शुरुआत गुरुवार से मेजबान ब्राजील और क्रोएशिया के मुकाबले से शुरू हो रहा है।
घरेलू समर्थकों के सामने पहले मुकाबले में ब्राजील के ऊपर थोड़ा दबाव तो जरूर होगा लेकिन वह चाहेगा कि दुनिया की 18वें नंबर की टीम क्रोएशिया पर आसान जीत दर्ज कर वह टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करे।
कोच लुईज फेलिप स्कोलारी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह इस मैच में उसी टीम को उतारेंगे जिसने पिछले साल स्पेन के खिलाफ कंफेडरेशन कप के फाइनल में टीम को 3-0 की एकतरफा जीत दिलाई थी। यह मैच भारतीय समयानुसार देर रात डेढ़ बजे खेला जाएगा।
अभ्यास मैच में क्रोएशिया ने दिखाया था दम
पांच बार सर्वाधिक खिताब जीत चुकी ब्राजील का दारोमदार एक बार फिर बार्सिलोना के स्टार नेमार पर होगा। यह तो लगभग निश्चित है कि ब्राजील अपने ग्रुप से जरूर आगे बढ़ जाएगा लेकिन टीम के डिफेंडर दानी एल्वेस स्वीकार करते हैं कि मुकाबले में टीम के ऊपर थोड़ा दबाव होगा।
क्रोएशिया ने हालांकि पिछले सप्ताह खेले गए अभ्यास मैच में ब्राजील के पसीने छुड़ा दिए थे। फ्रेड के गोल से टीम भले ही 1-0 से जीत गई, लेकिन उसने भी संदेश दे दिया था कि उसे हल्के में लेने की भूल कोई न करे।
क्रोएशिया को वैसे इस मैच में बेयर्न म्यूनिख के अपने स्टार स्ट्राइकर मारियो मांडजूकिक की कमी खलेगी। मारियो को पिछले साल नवंबर में आइसलैंड के खिलाफ मैच में रेड कार्ड दिखा दिया गया था जिस कारण वह इस मैच में नहीं खेल सकते। हालांकि उसके पास मिडफिल्ड में रियल मैड्रिड की ओर से चैंपियंस लीग का खिताब जीत चुके लूका मोड्रिक मौजूद हैं जो ब्राजील के लिए सिरदर्द साबित हो सकते हैं।
जीतने के लिए करेंगे शानदार प्रदर्शन
मेजबान ब्राजील पिछले साल कंफेडरेशन कप का फाइनल खेलने वाली टीम के साथ ही उतरेगा। ब्राजील ने आखिरी बार 2002 कोच स्कोलारी के नेतृत्व में ही खिताब जीता था। 5 बार सर्वाधिक वर्ल्ड कप जीतने का रिकॉर्ड भी ब्राजील के नाम ही दर्ज है।
मैच से पहले क्रोएशिया के लूका मोड्रिक ने कहा, "सच कहूं तो मैदान के बीच सभी मैच निर्णायक होते हैं। होता यही है कि लोग कहते हैं कि जो जीता उसने अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे उम्मीद है कि हम बढ़िया प्रदर्शन करेंगे और ब्राजील को हराएंगे। हालांकि ऐसा कर पाना आसान नहीं होगा।"
ब्राजील के डिफेंडर दानी एल्वेस ने कहा, "मैं हमेशा कहता हूं कि अगर आप दबाव महसूस नहीं करते तो फिर आप पेशेवर खिलाड़ी नहीं हैं। ओपनिंग मैच हमेशा कठिन और महत्वपूर्ण होता है। तीन अंक तो महत्व रखते ही हैं साथ ही विरोधियों को भी इससे कड़ा संदेश जाता है।"