तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जब शुरू हुआ तो किसी को यह एहसास नहीं था कि कौन चैंपियन बनेगा, लेकिन इस टूर्नामेंट के जरिए दुनिया की सबसे पुरानी क्रिकेट टीम ने पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
क्रिकेट के खेल का जन्म इंग्लैंड में करीब 16वीं सदी में हुआ और 1963 में वनडे क्रिकेट का उदय भी इंग्लैंड से ही हुआ लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि इस खेल को सबसे पहले खेलने वाला देश 2010 से पहले कभी कोई आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत सकी।
इंग्लैंड के इस सूखे का खात्मा पॉल कोलिंगवुड की कप्तानी में वेस्टइंडीज की धरती पर हुआ जब इंग्लिश टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया को सात विकेट से करारी शिकस्त देकर पहली बार वर्ल्ड कप जीता। इंग्लैंड का यह अभी तक का पहला आईसीसी खिताब भी था। वहीं गत चैंपियन पाकिस्तान खिताब नहीं बचा सकी और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारकर बाहर हो गई।
सिर्फ एक साल चैंपियन रहा पाक
ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप दो साल के अंतराल में खेला जाता है लेकिन इस बार यह टूर्नामेंट सिर्फ 10 महीने के अंतराल में ही खेला गया।
दरअसल 2008 में पाकिस्तान में होने वाली आईसीसी चैंपियंस वनडे ट्रॉफी सुरक्षा कारणों से रद्द कर दी गई। दो साल में खेले जाने वाली यह ट्रॉफी 2010 में वेस्टइंडीज में होनी थी।
ऐसे में से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कलेंडर को दुरुस्त करने के लिए 2010 में होने वाली चैंपियंस वनडे ट्रॉफी को टी-20 वर्ल्ड कप में तब्दील कर दिया गया। महज एक साल के अंदर ही दूसरा वर्ल्ड कप कराने के पीछे एक कारण यह भी था कि 2011 में वनडे वर्ल्ड कप होना था और एक साल में दो वर्ल्ड कप कराने की योजना आईसीसी को पसंद नहीं आई। हालांकि 10 महीन वर्ल्ड चैंपियन रहने वाली पाक टीम ने इसका विरोध भी किया था।
इस बार भी सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सका भारत
भारतीय टीम का खराब फॉर्म जारी रहा और वह लगातार दूसरे साल सुपर-8 की बाधा पार नहीं कर सका। टीम इंडिया ने इस बार भी सुपर-8 के अपने तीनों मैच गंवाए।
धोनी एंड कंपनी को सुपर-आठ में ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और श्रीलंका ने हराया।
2008 वर्ल्ड कप में भी भारतीय टीम सुपर-आठ में अपने सभी तीनों मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी।
टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे पहले लगाया शतक
टी-20 अंतरराट्रीय क्रिकेट में सुरेश रैना शतक लगाने वाले भारत के एकमात्र बल्लेबाज हैं। रैना ने यह शतक तीसरे टी-20 वर्ल्ड कप में लगाया था। बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना ने लीग मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 60 गेंदों में बनाए और क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉरमेट में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बने।
अपनी इस शतकीय पारी में रैना ने नौ चौके और पांच जोरदार छक्के भी जड़े। वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में शतक लगाने वाले चार बल्लेबाजों में से एक हैं।
रैना के अलावा टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन श्रीलंका के महेला जयवर्धने (302 रन) ने बनाए। जबकि ऑस्ट्रेलिया के डर्क नैंनस ने सर्वाधिक 14 विकेट झटके।