ऑकलैंड के मैदान में टीम इंडिया और कीवी टीम के बीच खेला गया टाई मुकाबला कई मायने में खास रहा। दोनों टीमों के बीच टाई हुआ यह पहला मुकाबला है, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम अलग-अलग टीमों से इससे पहले छह टाई मैच खेल चुकी है।
एक बार लग रहा था कि शुरुआत दो मैचों की तरह इस बार भी भारतीय क्रिकेट टीम लक्ष्य से काफी पीछे रहते हुए मैच और सीरीज दोनों गंवा बैठेगी। लेकिन पहले आर अश्विन और बाद में रवींद्र जडेजा ने बल्लेबाजी में जो हाथ दिखाए, वह कमाल रहा। जडेजा की शानदार बैटिंग की वजह से टीम मैच बचाने में कामयाब रही।
लेकिन इसके बावजूद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, रवींद्र जडेजा की एक हरकत पर नाराजगी जताने से नहीं चूके। उन्होंने अश्विन के साथ-साथ जडेजा की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही उनके एक कदम पर हैरानी और नाखुशी भी जता गए।
भुवी के साथ ऐसा क्या किया जडेजा ने?
सीरीज का तीसरा मैच टाई कराने के बाद टीम इंडिया सीरीज में बनी हुई है। मैच के बाद धोनी ने कहा, "मेरे हिसाब से 300 के लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता था और हमारे पास बढ़िया मौका भी था, लेकिन हम ऐसा नहीं कर सके।"
जब जडेजा के साथ तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार क्रीज पर थे, तो वह उन्हें कुछ समझा रहे थे। शायद यही बात धोनी को पसंद नहीं आई। उन्होंने कहा, "मुझे अश्विन और जडेजा में भरोसा था, लेकिन मेरी दिक्कत तब शुरू हुई, जब जडेजा ने भुवी को यह बताना शुरू किया कि उसे क्या करना चाहिए। अश्विन को अंत तक क्रीज पर बने रहने की जरूरत थी।"
कैप्टन कूल ने कहा, "मुझे निश्चित तौर पर लगता है कि अश्विन बल्लेबाज के रूप में खेल सकते हैं और उन्होंने पावर हिटिंग में भी सुधार किया है, क्योंकि वह उस पर काम कर रहा था।"
धोनी ने गिनाईं टीम की कमियां
धोनी ने अपने बल्लेबाजों की तारीफ की, लेकिन चेताया भी। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमने अच्छी बल्लेबाजी की। लेकिन अगर हम उन हालात पर गौर करें, जब बहुत आसानी से मैच पर अपनी पकड़ पा सकते थे, तो हमने उन स्थितियों को अपने काबू से बाहर जाने दिया।"
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान ने कहा, "यह काफी निराशाजनक है, लेकिन नतीजा अच्छा रहा, क्योंकि हम अब भी सीरीज में बने हुए हैं। अगर हम जीत नहीं सकते, तो कम से कम ड्रॉ तो करा ही सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सामने की बाउंड्री काफी छोटी थी और जो गेंदबाज तेज गेंद डाल रहे थे, उनकी सारी क्षमता इस बात पर निर्भर थी कि वह कितनी फुल फेंक सकते हैं, कितनी यॉर्कर डाल सकते हैं। लेकिन जब वे ऐसा नहीं कर पा रहे थे, तो उन पर स्ट्रेट में करारे शॉट लग रहे थे।"
जडेजा खुश भी हैं, और दुखी भी
धोनी ने भले भुवनेश्वर को सीख देने के लिए जडेजा को आड़े हाथों लिया हो, लेकिन इस बात से वो भी इनकार नहीं कर सकते कि पहले खुद उनकी और बाद में अश्विन की विकेट गंवाने के बाद टीम इंडिया हार की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन जडेजा ने जोरदार वापसी कराई।
अपनी तेज-तर्रार पारी के दम पर जडेजा बड़ी हार को न केवल टालने में कामयाब रहे, बल्कि मैच टाई कराते हुए भारतीय क्रिकेट टीम को सीरीज में बने रहने का मौका भी दिया। अगला मैच 28 जनवरी को हैमिल्टन में खेला जाएगा। जडेजा इस पारी से खुश भी दिखे और जीत न पाने से निराश भी।
उन्होंने कहा, "मुझे काफी खुशी हो रही है कि मैं टीम के लिए कुछ कर पाया। मैं सिर्फ आखिरी बॉल तक खेलना चाहता था, लेकिन बदकिस्मती से जीत तक नहीं पहुंच सका। हालांकि, हमें इस मैच से काफी कुछ सीखने को मिला है। मुझे लगता है कि हमने गेंदबाजी अच्छी की, लेकिन सामने की बाउंड्री काफी छोटी थी।"
टीम इंडिया की तारीफ में जुटे कीवी कप्तान
एक बार जीत करीब देख रही न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम को भी टीम इंडिया की बल्लेबाजी की खूब तारीफ करनी पड़ी। कीवी टीम के कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम ने कहा, "यह क्रिकेट का काफी बढ़िया मैच रहा। टीम इंडिया ने दिखा दिया कि उन्हें क्रिकेट का पावरहाउस क्यों कहा जाता है।"
मैक्कुलम ने कहा, "हमारा मानना था कि हमने मजबूत स्कोर बनाया है, लेकिन अब लग रहा है कि ऐसा नहीं था। उन्होंने लक्ष्य के करीब तक पहुंचने के लिए कमाल का खेल दिखाया। हमारे पास अंत में कुछ मौके थे, जिन्हें हम भुना नहीं सके, जिससे नुकसान भी हुआ।"
एक वक्त अपनी आतिशी बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे मैक्कुलम ने कहा, "हमने अपने बल्लेबाजों को कुछ नहीं बोला था। हम उनके खेल में भरोसा रखते हैं और अगर वे अच्छा खेलते हैं, तो हमें अच्छी पोजिशन में पहुंचा सकते हैं।"
अपने एक गेंदबाज की खास तारीफ
ब्रेंडन मैक्कुलम ने कहा, "हमने शुरुआत में अच्छी स्थिति का फायदा नहीं उठाया, जब एक ही बार में कई विकेट गंवा बैठे। लेकिन भारतीय टीम को श्रेय देना होगा कि वह मजबूती से खेली और किसी भी चरण में कमजोर न पड़ते हुए हमें चौंकन्ना बनाए रखा।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाजों ने बढ़िया बॉलिंग की। कुछ मौके हाथ से निकल गए, लेकिन वनडे क्रिकेट में ऐसा हो सकता है और जब ऐसा होता है, तो बाद में पछतावा भी होना लाजिमी है। फील्डिंग में कुछ चूक हुईं, लेकिन उन पर निराश होने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि गेम काफी बढ़िया रही।"
कीवी कप्तान ने अपने एक गेंदबाज की खासी तारीफ की। उन्होंने कहा, "हैमिश बेनेट ने काफी बढ़िया खेल दिखाया। उनकी चोट को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने वापसी की और जिस तेज रफ्तार के साथ आज बॉलिंग दिखाई, वह सीरीज में काफी अहम साबित हो सकते हैं।"