नौ साल बाद राजधानी देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बने बैडमिंटन हॉल के ताले खुलने की उम्मीद जगी है।
स्पोर्ट्स कॉलेज प्रबंधन ने बैडमिंटन को नए खेल के रूप में शामिल करने पर मुहर लगा दी है, साथ ही नए शिक्षा सत्र के लिए प्रशिक्षित बैडमिंटन कोच के लिए आवेदन मांगे हैं। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर को राष्ट्रीय खेलों के मुख्य आयोजन स्थल के रूप में खेल विभाग तैयार कर रहा है।
लेकिन कॉलेज में 2006 में बनकर तैयार हुए बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल बैडमिंटन कोर्ट का उपयोग नहीं हो रहा था। बीते दिसंबर में राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के संबंध में निरीक्षण करने पहुंचे खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने भी बैडमिंटन शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। अधिकारियों को कालेज में बैडमिंटन शुरू करने के निर्देश दिए थे।
एक अप्रैल को साक्षात्कार
कोच के लिए एक अप्रैल को सचिवालय में साक्षात्कार होंगे। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स सोसायटी ने कोच के लिए राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला या फिर उससे संबद्ध संस्थान या विश्वविद्यालय से बैडमिंटन में कोचिंग डिप्लोमा की शर्त रखी है। अनुभव भी मांगा है। ऐसे में नए शिक्षा 2014-15 सत्र से स्पोर्ट्स कॉलेज में बैडमिंटन शुरू होने की उम्मीद है।
पहले भी हुई थी कवायद
2013-14 के सत्र में भी बैडमिंटन खेल के लिए प्रदेश भर में ट्रायल लिए गए थे, लेकिन खिलाड़ी नहीं मिलने से कोर्स शुरू नहीं हो सका था। उप निदेशक खेल अजय अग्रवाल ने नए शिक्षा सत्र से बैडमिंटन खेल शुरू करने की पुष्टि की है। बताया कि फिलहाल 10 बच्चों से खेल की शुरुआत की जाएगी।