कैंसर से जंग जीतकर घर लौटे पूर्व क्रिकेटर और अभिनेता योगराज सिंह शनिवार शाम छह बजे उसी पुराने जज्बे के साथ सेक्टर-9 के जिम में नजर आए। उनके गले के वोकल कार्ड में कैंसर था, जिसकी पिछले दिनों अमेरिका के मैनहटन में सफल सर्जरी हुई। बोलने में उन्हें कुछ दिक्कत जरूर है मगर आवाज में पुरानी खनक कायम है।
योगराज सिंह क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता हैं। युवराज सिंह के कैंसर का इलाज भी पिछले साल अमेरिका में हुआ था। योगराज सिंह ने बताया कि कैंसर की बात उन्होंने एक साल तक अपने परिवार से छुपा कर रखी।
परिवार को बिना बताये वह इलाज के लिए मैनहटन गए थे। वहां बिताए 45 दिनों को भुलाना मुश्किल है। आंखों के सामने कैंसर मरीजों को मरते देखा। वापस लौटने के चांस बहुत कम लग रहे थे। पर यह परिवार और चाहने वालों की दुआओं का असर है कि आज मैं फिर सबके सामने हूं।
एक मैसेज से खुला कैंसर होने का भेद
जिम करते वक्त लंबे समय से दिक्कत महसूस हो रही थी। कई जगह दिखाया और टेस्ट करवाये आखिर ग्वालियर में करवाए टेस्ट में गले में कैंसर की पुष्टि हुई। दोनों बच्चे विक्टर और एमी अभी छोटे हैं, इसलिए परिवार को नहीं बताया।
घर से बैग उठाया और कहा कि रिश्तेदारों के पास जा रहूं और मैनहटन आ गया। बीमारी की बात छुपी थी मगर एक मैसेज ने भेद खोल दिया।
एक दिन क्रिकेटर मनन वोहरा का मैसेज आया और योगराज सिंह ने गलती से जवाब में अपनी बीमारी के बारे में बता दिया। उसी मैसेज से परिवार और सबको बीमारी के बारे में पता चल गया।
युवी ने की थी आने की जिद्द
योगराज सिंह ने कहा कि युवराज सिंह को जब उनकी बीमारी के बारे में पता चला तो वह काफी भावुक हो गया। युवराज ने उनके पास अमेरिका आने की जिद की तो उन्होंने मना कर दिया।
मुश्किल की घड़ी में पत्नी ने ही यहां वेटे विक्टर और बेटी एमी को संभाला। उन्हें मानसिकरूप से मजबूत किया। योगराज सिंह ने कहा कि आज जिम से शुरुआत की है। बोलने में कुछ दिक्कत आ रही है। जल्द ही फिल्मों में वापसी करने जा रहा हूं।