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1 पारी में 10 बल्लेबाज 0 पर आउट, फिर भी वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं

Mon, 28 Apr 2014 04:39 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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आज के समय में क्रिकेट के नए नियम बल्लेबाजों को रन बनाने के ज्यादा मौके देते हैं। लेकिन एक ऐसा मुकाबला भी हुआ जहां गेंदबाजों ने इस कदर कहर ढाया कि पिछले 100 सालों में यह सबसे घटिया प्रदर्शन बन गया।
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यह दिलचस्प इतिहास बना भी है उसी देश में जिसने दुनिया को गेंद और बल्ले का खेल क्रिकेट दिया है।

इंग्लैंड में क्लब स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट 'सेशायर लीग' के एक मुकाबले में एक टीम के 10 बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। फिर भी इसे क्रिकेट जगत का सबसे घटिया प्रदर्शन नहीं माना गया।

11वें नंबर का बल्‍लेबाज ही खोल सका खाता

इंग्लैंड में सेशायर लीग के एक मुकाबले में एक टीम महज 3 रन ही बनाकर आउट हो गई।

टेन विराल क्रिकेटर क्लब के बल्‍लेबाजों के लिए यह मैच बेहद निराशाजनक साबित हुआ। उसके 10 बल्‍लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके।

मजेदार बात यह रही कि टीम के एकमात्र बल्‍लेबाज ही अपना खाता खोल सके और वह भी 11वें नंबर का बल्‍लेबाज। हालांकि वह बल्‍लेबाज भी ज्यादा रन नहीं बना सका। वह अभी 1 रन ही बना पाया था कि दूसरे छोर पर खड़ा बल्‍लेबाज अपना विकेट गंवा बैठा। इस बल्‍लेबाज के आउट होने के साथ ही टीम आलआउट हो गई।

टीम के स्कोर में EXTRAs का ज्यादा रहा योगदान

टेन विराल क्रिकेट को क्लब सेशायर लीग डीविजन थ्री में ‌हैसिल्गटन पर जीत हासिल करने के ‌लिए 109 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम महज 3 रन बनाकर आउट हो गई।

इन ‌3 रनों में बल्‍लेबाजों की ओर से महज 1 रन का ही योगदान हो सका और वह भी 11वें नंबर के बल्‍लेबाज के बल्‍ले से। टीम के खाते में जो 2 और रन जुड़े तो वह अतिरिक्त के रूप में थे।

अतिरिक्त रन में दोनों रन लेग बाई के रूप में टीम के खाते में जुड़े।

सिर्फ 2 गेंदबाजों के आगे सिमट गई टीम

क्लब के बल्‍लेबाज अपनी पारी के दौरान महज 55 गेंद ही खेल सके। टीम के 6 बल्‍लेबाज बोल्ड हुए, जबकि 2 क्रिकेटर कैच आउट और 2 पगबाधा हुए।

शानदार यह रहा कि हैसिल्गटन ने इस दौरान महज 2 गेंदबाजों का ही प्रयोग किया। बेन इस्टेड ने 5 ओवर में 1 रन देकर 6 विकेट झटके, जबकि टॉम ग्लेडह‌ेड के खाते में 4 विकेट गए और उन्होंने 4.2 ओवर में 1 भी रन नहीं दिया।

मैच के दौरान विराल क्लब ने एक भी रन बनाए बगैर 6 ओवर में 8 विकेट गंवा दिए थे लेकिन 2 अतिरिक्त रन मिलने से टीम का खाता खुल गया। इसके बाद 11वें नंबर पर बल्‍लेबाजी करने आए बल्‍लेबाज ने 1 रन जोड़कर स्‍कोर 3 तक पहुंचा दिया। हालांकि टीम 10 ओवर भी नहीं खेल सकी।

फिर भी यह प्रदर्शन का नहीं बन सका वर्ल्ड रिकॉर्ड

एक पारी में 10 बल्‍लेबाजों के खाता खोले बगैर ही आउट हो जाना किसी भी टीम के लिए बेहद शर्मनाक प्रदर्शन है।

बावजूद इसके कि इसे क्रिकेट की दुनिया में शर्मनाक प्रदर्शन का वर्ल्ड रिकॉर्ड का दर्जा भी नहीं दिया जाएगा। सबसे खराब प्रदर्शन का वर्ल्ड रिकॉर्ड तो इससे भी गया-गुजरा है।

आज से करीब 100 साल पहले ही सबसे खराब प्रदर्शन का वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया था। 1913 में समरसेट का क्लब लैगपोर्ट की टीम ग्‍लास्टोनबरी के खिलाफ एक भी रन बनाए आलआउट हो गई थी।
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टेस्ट क्रिकेट का न्यूनतम स्कोर जानते हैं आप?

क्रिकेट में इस समय रनों के अंबार लग रहे हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट, हर ओर बड़े-बड़े स्कोर खड़े किए जा रहे हैं। इस समय आईपीएल की खुमारी छाई हुई है। आईपीएल में 20-20 ओवर के मैच में एक पारी में ही डेढ़ से दो सौ तक रन बन रहे हैं। पर कभी-कभार ऐसी भी क्रिकेट होती है तो इंग्लैंड के एक क्लब स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट में हुई है।

सबसे खराब प्रदर्शनों के बीच हम आपको अब यह बताने जा रहे हैं कि बड़े क्रिकेटों में घटिया खेल का रिकॉर्ड क्या है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे छोटा स्कोर 6 रन है जिसे 1810 में ओल्ड लॉर्ड्स के ग्रांउड में 'द बी'एस' ने इंग्लैंड के खिलाफ बनाए थे।

जहां तक टेस्ट क्रिकेट में सबसे छोटे स्कोर की बात है तो यह रिकॉर्ड 1955 में बना था। 1955 में न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ महज 26 रन पर आउट हो गई थी। टेस्ट में न्यूनतम स्कोर का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।
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