उत्तराखंड में क्रिकेट का हुनर, लगन, मैदान और माहौल सब कुछ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से मान्यता नहीं होने के कारण प्रतिभाएं सामने नहीं आ पा रही हैं। इसके लिए राज्य की सभी क्रिकेट एसोसिएशन को स्वार्थ छोड़कर काम करना होगा।
यह कहना है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ट्रेनर और क्रिकेट कोच डॉ. तेज कौल का। इन दिनों वह द दून स्कूल में चल रहे क्रिकेट कैंप में छात्रों को खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं।
मान्यता खेल और खिलाड़ी दोनों के लिए अच्छा
अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में डॉ. तेज कौल ने कहा कि उत्तराखंड को मान्यता देने के संबंध में बीसीसीआई ने कमेटी गठित की है। इससे एक उम्मीद तो बंधती है, लेकिन मान्यता दिलवाने के लिए प्रदेश की सभी क्रिकेट एसोसिएशन को नि:स्वार्थ भावना से काम करना होगा। उत्तराखंड को बीसीसीआई से मान्यता मिलती है तो राज्य में खिलाड़ी और खेल दोनों के भविष्य के लिए बेहतर होगा।
उन्होंने राज्य की खेल प्रतिभाओं और क्रिकेट के माहौल की तारीफ की। बता दें कि उत्तराखंड के खिलाड़ी विभिन्न राज्यों की रणजी टीम से खेल रहे हैं। आईपीएल तक में नाम कमा रहे हैं। हाल ही में मनीष पांडे ने टीम इंडिया से भी खेला है लेकिन यहां की क्रिकेट को मान्यता नहीं मिलने की वजह से वह अपने प्रदेश से नहीं खेल पा रहे हैं।
फिटनेस पर ध्यान दें खिलाड़ी
सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविण, अनिल कुंबले आदि के फिटनेस ट्रेनर रहे डॉ. तेज कौल ने युवा क्रिकेटरों को फिटनेस पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल खिलाड़ी अपनी स्किल्स पर तो ध्यान दे रहे हैं, लेकिन फिटनेस पर उतना गौर नहीं कर रहे हैं। खासकर तेज गेंदबाजों को खुद को फिट रखने के लिए अधिक मेहनत करने की जरूरत है।