अपने मुक्के के दम पर राज्य को सोना दिलाने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब अपने हुनर को तीखा करने के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
राज्य में ही खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग और संसाधन देने की कवायद शुरू होने लगी है। जून में स्पोर्ट्स कालेज परिसर में बॉक्सिंग का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने के बाद देश को विजेंद्र सिंह जैसे बॉक्सर उत्तराखंड से भी मिलने लगेंगे।
उत्तराखंड के खिलाड़ियों को मिलेगी तवज्जो
देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में बन रहे बॉक्सिंग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अब राज्य से बॉक्सिंग के सूरमा तैयार किए जाएंगे। जिनसे देश को ओलंपिक और विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक की उम्मीद होगी।
खास बात यह है कि इस सेंटर में उत्तराखंड के खिलाड़ियों को ही तवज्जो मिलेगी, जो ट्रेनिंग के साथ अपनी पढ़ाई या नौकरी भी कर सकेंगे।
स्पोर्ट्स कालेज और काशीपुर के साई ट्रेनिंग सेंटर से निकलने वाले खिलाड़ी भी यहां प्रवेश कर अपना हुनर तराशेंगे। कालेज में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे डबल बॉक्सिंग रिंग में आधुनिक सेंटर की शुरुआत होगी।
मई तक पूरा हो जाएगा काम
स्पोर्ट्स कालेज के प्रधानाचार्य मनोज शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में कालेज से निकले खिलाड़ियों को अन्य सेंटरों का रुख करना पड़ता है, जहां संख्या अधिक होने से अभ्यास के मौके कम मिल पाते हैं।
मई तक रिंग का काम पूरा हो जाएगा और जून महीने में सेंटर शुरू होने की उम्मीद है। यहां देश के श्रेष्ठ बॉक्सर भी ट्रेनिंग करने आएंगे, जिससे युवा खिलाड़ियों को भी सीखने को मिलेगा।