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धड़ेबाजी में धड़ाम हो जाएगी मुक्केबाजी!

Fri, 16 Jan 2015 03:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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मुक्केबाजी के दो बड़े धड़ों के बीच चल रही धींगामुश्ती राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं की नैय्या डुबो सकती है।
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31 जनवरी से केरल में होने जा रहे 35वें राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाजी स्पर्धाएं छह फरवरी से शुरू होगी। लेकिन इससे पहले दो एसोसिएशनों ने प्रतियोगिता के लिए दावा ठोक दिया है। अब भारतीय ओलंपिक संघ तय नहीं कर पा रहा कि किस एसोसिएशन को मौका दिया जाए।

मझधार में मुक्केबाजी प्रतियोगिता
सूत्रों की मानें तो संघ पुरानी एसोसिएशन के नाम से खिलाड़ियों को शिरकत कराने के लिए कह रहा है। राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाजी प्रतियोगिता के मझधार में होने की वजह देश में दो मुक्केबाजी एसोसिएशन का होना है। दरअसल देश में पहले सभी खिलाड़ी भारतीय एम्च्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के अंतर्गत थे।
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सभी प्रतियोगिताएं इसी एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त थीं। विदेशी प्रतियोगिताओं में भी इसके जरिए ही खिलाड़ी भेजे जाते थे। मगर साल 2012 में एसोसिएशन चुनाव में घपले के बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक महासंघ ने एसोसिएशन की मान्यता बर्खास्त कर दी थी।

इससे देश के मुक्केबाजों के सामने समस्या पैदा हो गई थी। साल 2014 एशियन गेम्स में भी शुरुआती दौर में खिलाड़ी बिना भारतीय झंडे के गए। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग महासंघ ने बॉक्सिंग इंडिया के रूप में नई एसोसिएशन को मान्यता दी। इससे मुक्केबाजों की दिक्कत दूर हो गई।

एक माह पहले केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भी बॉक्सिंग इंडिया को मान्यता दे दी। अब राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग के लिए दोनों एसोसिएशन ने दावा ठोंक दिया है। आयोजन सदस्यों के नाम भी भारतीय ओलंपिक महासंघ भेज दिए हैं।

सूत्रों की मानें तो भारतीय ओलंपिक संघ के कुछ सदस्य पुरानी एसोसिएशन के तले स्पर्धा कराना चाहते हैं, तो कई नई एसोसिएशन के समर्थक भी हैं। दोनों एसोसिएशन की लड़ाई के कारण अब प्रतियोगिता के आयोजन पर संकट मंडराने लगा है। सूत्रों की मानें तो मामले का जल्द निपटारा नहीं हुआ तो राष्ट्रीय खेलों में मुक्केबाजी प्रतियोगिताएं नहीं हो पाएंगी।

बॉक्सिंग इंडिया को अभी संघ से मान्यता नहीं है, लेकिन दोनों एसोसिएशन काम कर रही हैं। राष्ट्रीय खेलों के संबंध में दोनों से बैठक कर हल निकाला जाएगा। दोनों नहीं मानी तो खिलाड़ियों के हितों को देखते हुए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जाएगी।
- राजीव मेहता, महासचिव, भारतीय ओलंपिक संघ

खिलाड़ियों की सूची लगभग तैयार
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों और भूतपूर्व खिलाड़ियों की सूची लगभग तैयार है। खेल विभाग के शुक्रवार को सूची को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। इसके बाद इसी महीने अंतिम सप्ताह तक सम्मान समारोह आयोजित करने का दावा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पांच जनवरी को बीजापुर गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त उत्तराखंड के खिलाड़ियों और भूतपूर्व खिलाड़ियों को सम्मानित करने की घोषणा की थी। साथ ही खेल विभाग को जनवरी महीने में ही समय तय करने के निर्देश दिए थे।

मगर हद तो यह हो गई थी कि खेल विभाग के पास खिलाड़ियों की सूची ही नहीं थी, जो 29 नामों की सूची बनी थी उसमें भी प्रमुख नाम गायब थे। अमर उजाला ने नौ जनवरी 2015 को ‘खेल विभाग काहिली में चैंपियन’ शीर्षक के साथ खिलाड़ियों की सूची खेल विभाग के पास नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

इसके बाद खेल विभाग के अधिकारियों की नींद खुली और जिला स्तर से खिलाड़ियों की सूची मंगाई गई। बृहस्पतिवार को एक बार फिर जिला खेल अधिकारियों को सभी खिलाड़ियों के नाम भेजने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी पूर्व खिलाड़ी का नाम छूटे नहीं।

शुक्रवार तक सूची फाइनल कर दी जाएगी और जनवरी के अंतिम सप्ताह में सम्मान किया जाएगा। इसी समारोह में  विभाग वर्ष 2014 के पदक विजेताओं को भी सम्मानित करेगा। खेल निदेशक शैलेश बगोली का कहना है कि सूची को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।

दून में मांगे खिलाड़ियों से नाम
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके खिलाड़ियों से अब जिला खेल विभाग ने 24 जनवरी तक नाम मांगे हैं। उत्तर प्रदेश के समय और उत्तराखंड बनने के बाद पदक जीतने वाले उत्तराखंड के भूतपूर्व खिलाड़ियों से भी अपने प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कहा गया है।
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साथ ही साल 2014 में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से प्रमाणपत्र और आवेदन मांगे गए हैं, ताकि खेल निदेशालय को सूची भेजी जा सके।
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