टीम इंडिया ने पुछल्ले बल्लेबाजों के संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी के दम पर ऑकलैंड वनडे में हार बचा ली हो लेकिन साल 2014 में उसे अपनी पहली जीत का अभी भी इंतजार है।
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भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर वनडे से साल का आगाज किया था लेकिन धोनी की टीम वह मैच हार गई थी।
इसके बाद हैमिल्टन वनडे में भी उसे हार का सामना करना पड़ा। पिछले साल लगातार छह वनडे सीरीज जीतने वाली टीम इंडिया ने पिछले छह वनडे मुकाबलों में एक भी जीत हासिल नहीं की है। इन छह मुकाबलों में उसे चार में हार मिली है। एक मैच बारिश से धुल गया था जबकि आज का मैच टाई हो गया है।
अश्विन ने खेली वनडे करियर सर्वश्रेष्ठ पारी
भले ही फिरकी गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन सीरीज में अपनी लचर गेंदबाजी के कारण लगातार आलोचनाओं को झेल रहे हों लेकिन आज ऑकलैंड में उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उससे उन्होंने आलोचकों की बोलती जरूर बंद कर दी होगी।
अश्विन उस समय क्रीज पर आए जब सुरेश रैना के रूप में भारत का पांचवां विकेट गिर गया था। उस समय भारत ने महज 146 रन ही बनाए थे। लेकिन धोनी के जाने के बाद रवींद्र जडेजा के साथ उन्होंने सातवें विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी कर टीम की मैच में वापसी करा दी।
अश्विन के वनडे करियर की यह सर्वश्रेष्ठ पारी रही। उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 46 गेंदों में 8 चौके और 1 छक्के की मदद से 65 रन बनाए। हालांकि वह 45वें ओवर में आउट हो गए लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 38 रनों का था।
'सर' जडेजा के छक्के ने किया कमाल
आलराउंडर रवींद्र जडेजा ने अंतिम समय तक टिककर भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा। भारत को अंतिम ओवर में जीत के लिए 18 रन बनाने थे।
बाएं हाथ के बल्लेबाज जडेजा ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ दिया। इसके बाद उन्होंने चौथी गेंद पर भी चौका लगाया। भारत को अंतिम दो गेंद पर आठ रन और चाहिए थे।
पांचवीं गेंद जडेजा ने मिडविकेट पर छक्का जड़कर मैच में रोमांच ला दिया लेकिन अंतिम गेंद पर वह महज एक रन ही बना सके जिससे मैच टाई हो गया। अविजित 66 रनों की पारी खेलने वाले जडेजा ने गेंदबाजी में भी कमाल किया था। उन्होंने 47 रन देकर 2 विकेट झटके।
और इस मामले में आगे निकल गया भारत
भारत भले ही पांच मैचों की सीरीज के पहले दोनों मैच हार गया हो और उसके बल्लेबाजों पर शॉर्ट बॉल न खेल पाने की आलोचना हर ओर हो रही हो लेकिन भारतीय बल्लेबाज इस मैच में न्यूजीलैंड से ज्यादा छक्का मारने की जंग में बाजी मार ले गए।
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 314 रन बनाए। उनकी पारी में कुल 10 छक्के लगे। ल्युक रोंची और टिम साउदी ने सर्वाधिक तीन-तीन छक्के लगाए।
जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने मैच में कुल 13 छक्के जड़े। रवींद्र जडेजा और रोहित शर्मा ने सर्वाधिक चार-चार छक्के लगाए। जबकि कप्तान धोनी ने तीन करारे छक्के जड़े। शिखर धवन और आर अश्विन ने एक-एक छक्का लगाया।
कुल 32वीं बार टाई हुआ मुकाबला
भारत पुछल्ले बल्लेबाजों के दम पर यह मैच टाई कराने में सफल रहा। न्यूजीलैंड के साथ भारत ने यह पहली और कुल सातवीं बार वनडे मैच टाई कराया है।
न्यूजीलैंड ने इस मैच के साथ कुल छह मैच टाई कराए हैं। जहां तक वनडे क्रिकेट में कुल टाई मैचों का सवाल है तो अब तक 32 मैच टाई हो चुके हैं। जिसमें तीन मैच 300 सौ से ज्यादा के लक्ष्य का पीछा करते हुए हैं।
जबकि ओवरऑल मामले में टीम इंडिया ने सातवीं बार मैच टाई कराया है। भारत को अपनी शीर्ष रैंकिंग बचाने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना जरूरी था जिसमें वह कामयाब रहा।
वाइड बॉलों ने दिया टीम इंडिया को सहारा
पुछल्ले बल्लेबाजों के संघर्ष के अलावा 14 वाइड बॉलों ने भी भारतीय टीम को मैच टाई कराने में अहम योगदान दिया। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने मैच में कुल 14 वाइड फेंके जिस कारण भारत को न सिर्फ 14 अतिरिक्त रन वाइड के रूप में मिले बल्कि इतने ही गेंद और खेलने को भी मिले।
अंतिम ओवर में भी भारत को दो वाइड गेंद मिले जिसके दम पर वह अंतिम गेंद पर मैच टाई कराने में सफल रहा।
हालांकि भारत ने भी 11 वाइड बॉल डाली। इस लिहाज से आज के मैच में कुल 25 वाइड बॉल फेंकी गई।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में भी संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए सुरेश रैना के साथ अर्धशतकीय साझेदारी कर भारत को संकट से बाहर निकाला।
भारत 15 रन के अंदर चार विकेट खो देने से गहरे संकट में था लेकिन धोनी और रैना ने टीम इंडिया को संभाल लिया। रैना के जाने के बाद धोनी ने छक्का मारकर अपने वनडे करियर का 53वां पचासा पूरा किया।
इस अर्धशतकीय पारी के साथ ही बतौर कप्तान उन्होंने 10 हजार अंतरराष्ट्रीय रन भी पूरे कर लिए। अंतरराष्ट्रीय करियर में धोनी 13,034 रन बना चुके हैं जिसमें 10 हजार रन बतौर कप्तान बनाए हैं। आज अपना 50वां रन पूरा करते ही उन्होंने यह उपलिब्ध हासिल की।