शहर की सबसे युवा होनहार शूटर यश्स्वनी लगातार मेडल जीतकर नाम रौशन कर रही है। वह सबसे पहली कम उम्र की शूटर है जोकि यूथ ओलंपिक में हिस्सा ले रही है। भवन विद्यालय की 16 वर्षीय छात्रा यश्स्वनी जूनियर वर्ग में भारतीय टीम से खेलती है।
इसी महीने कुवैत में खेली गई 7वीं एशियन गन चैंपियनशिप में इस शूटर ने टीम इवेंट में गोल्ड मेडल पर निशाना साधने के साथ एकल वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर यूथ ओलंपिक के लिए भारत का के दरवाजे खोल दिए। यूथ ओलंपिक चीन में जून महीने आयोजित की जा रही है।
कुवैत में बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत कोरिया और भारत को यूथ ओलंपिक में डॉयरेक्टर कोटा मिला। इसी कोटे केसाथ भारत की ओर से यश्स्वनी हिस्सा लेंगी।
बचपन से ही थी प्रतिभाशाली
यश्स्वनी के कोच तजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि जब 13 साल की उम्र में वह अपने पिता एचएस देसवाल के साथ शूटिंग रेंज पहुंची। वहां पर पहली बार पिस्टल हाथ में ली और निशाना लगाने की जिद्द करने लगी।
इसी के चलते घरवालों ने उसे पिस्टल ले कर दी। कोच ढिल्लों ने बताया कि वह शुरू से ही प्रतिभाशाली थी। इसने 2012 में शूटिंग शुरू की और टारगेट रखा कि वह नेशनल खेलेगी।
यूथ ओलंपिक के लिए जोरदार तैयारियां
यश्स्वनी इन दिनों अभ्यास में जुटी हुई है। इसके लिए घर में ही 10 मीटर की शूटिंग रेंज बनाई हुई है जहां पर वह कई घंटे लगातार अभ्यास करती है। इसके साथ ही 5 किलोमीटर की दौड़ भी लगाती है। इससे कि वह मानसिक रूप से फिट रह सके। यश्स्वनी के अनुसार वह जीत के सिलसिले को जारी रखना चाहेगी।