शंख के बारे में अगर आप यह सोचते हैं कि यह सिर्फ भगवान की पूजा के काम आता है तो इस धारणा को मन से निकाल दीजिए।
शंख में ऐसी चमत्मकारी शक्तियां मौजूद होती हैं जो आपकी हर चाहत को पूरी कर सकता है। लेकिन शर्त यह है कि आप चाहते क्या हैं और क्या आपने सही शंख का चुनाव किया है।
यानी आपकी जैसी चाहत हो उस अनुसार सही शंख चुनें। शास्त्रों में बताया गया है कि हर शंख की अपनी खूबी होती है। इसके अनुसार इनके नाम भी अलग-अलग हैं। आइए कुछ ऐसे ही चमत्कारी शंख की बात करते हैं।
देवी लक्ष्मी का प्रिय शंख
मान्यता है कि देवी लक्ष्मी के हाथों मे शोभा पाने वाला शंख दक्षिणावर्ती है इसलिए इसे देवी लक्ष्मी का शंख भी कहा जाता है। इस शंख का मुंह दाहिने ओर होता है। आम तौर जो शंख मिलते हैं उनका मुंह बाईं ओर होता है।
इस शंख को कष्टनिवारक शंख कहा गया है। घर में सुख शांति और समृद्धि के लिए इस शंख को देवी लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति के सामने लाल वस्त्र पर रखकर इसकी पूजा करनी चाहिए। इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है, दिनानुदिन उन्नति होती है।
प्यार बढ़ाने वाला चमत्कारी शंख
प्यार में आ रही हो परेशानी या जीवनसाथी से अनबन रहती है तो आपके लिए हीरा शंख फायदेमंद हो सकता है।
माना जाता है इस शंख से शुक्र ग्रह से संबंधित दोष दूर होता है और प्रेम में आने वाली सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती है।
अभिमंत्रित करके इस शंख को शयन कक्ष में रखने से शुक्र ग्रह अनुकूल रहता है। दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है और भौतिक सुख-समृद्घि में इजाफा होता है।
गरीबी दूर करने वाला विष्णु शंख
इस शंख की आकृति अर्धचन्द्राकार होने के कारण इसे चंद्र शंख भी कहते हैं। जिसके पास यह शंख होता है वह कभी गरीब नहीं होता है। ऐसे व्यक्ति की सुख समृद्धि बढ़ती जाती है।
हृदय के लिए गुणकारी शंख
जिस व्यक्ति को हृदय रोग या सांस संबंधी परेशानी की संभावना हो उन्हें अपने घर में मोती शंख रखना चाहिए। माना जाता है कि इस शंख में गंगाजल भरकर पीने से हृदय स्वस्थ रहता है। सांस संबंधी परेशानियों से बचाव होता है।
छात्रों और व्यापारियों के लिए फायदेमंद शंख
प्रकृति में एक ऐसा शंख मिलता है जिसकी आकृति गणेश जी के समान होती है। इसे गणेश शंख कहा जाता है।
माना जाता है कि यह शंख विद्या प्राप्ति में सहायक होता है। यह सौभाग्य एवं पारिवारि उन्नति के लिए भी उत्तम माना गया है।
व्यापारियों को अपने व्यापार स्थल में अथवा पूजा स्थल में इस शंख को विधिवत स्थापित करना चाहिए। इससे आर्थिक लाभ बढ़ता है। कारोबार में उन्नति होती है।