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144 साल बाद बना मकर संक्रांति पर यह संयोग, ऐसे लाभ उठाएं

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सूर्य के मकर राशि पर संक्रमण करने के दिन को मकर संक्रांति पर्व के रूप में मनाए जाने की परंपरा है। मकर संक्रांति से देवताओं का दिन आरंभ होता है जो कि आषाढ़ मास तक रहता है। इस बार मकर संक्रांति पर दुर्लभ संयोग बन रहा है।
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बना दुर्लभ संयोग 144 साल बाद

अंकों के आधार पर देखें तो वर्ष 2014, तारीख 14 जनवरी और हिंदू तिथि के अनुसार चतुर्थी। यही नहीं मकर संक्रांति के दिन मंगलवार पड़ रहा है। ज्योतिषियों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग 144 साल बाद पड़ रहा है।

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी और तिल के पदार्थ खाने और दान देने की विशेष मान्यता है। मान्यता है कि इस दिन तीर्थ स्थलों एवं नदियों में स्नान से अनंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

इन्होंने बढ़ाया पर्व का महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित जागेश्वर दयाल पांडेय बताते हैं कि 144 साल बाद मकर संक्रांति को ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है। संक्रांति पर चतुर्दशी पड़ने से इस दिन किया गया दान पुण्य सौ गुना फलदायी होगा। यही नहीं प्रायश्चित करने के लिए भी इस दिन उत्तम अवसर है।
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शुभ संयोग का लाभ

मकर संक्रांति के दिन भगवान शंकर के सामने हाथों में काले तिल और गंगाजल लेकर संकल्प करें और अपनी गलतियों की क्षमा याचना करें। निश्चित रूप से भगवान गलतियों को क्षमा करेंगे और मनवांछित फल की प्राप्ति होगी।

ज्योतिषाचार्य पंडित आशुतोष मुखर्जी श्रीकुल का कहना है कि मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग सभी के लिए लाभदायी होगा। इस बार मकर संक्रांति पर इंद्र योग भी बन रहा है जो शुभ फलदायक होगा। यह बात अलग है कि मकर संक्रांति के दिन शुक्र अस्त रहेगा।

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