वियरेबल डिवाइसेस ऐसे गैजेट होते हैं, जिन्हें यूजर शरीर पर पहनकर चलते हैं। इन्हें एक्सेसरीज और कपड़ों के रूप में डिजाइन किया जाता है, लेकिन ये एक हाईटेक गैजेट की तरह काम करते हैं। इनमें कम्प्यूटर या एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक तकनीक होती है। गूगल ग्लास इसका एक उदाहरण है।
दुनिया भर में छा रहा है ट्रेंड
-एक रिसर्च की मानें तो ब्रिटेन में इस समय 80 लाख से ज्यादा लोग वियरेबल डिवाइसेस इस्तेमाल कर रहे हैं।
-इन गैजेट्स में सबसे ज्यादा मांग रिस्ट बैंड्स की है।
-अमेरिकी रिसर्च कंपनी फोरेस्टर के एक सर्वे की मानें तो साल 2020 तक वियरेबल टेक्नोलॉजी बिजनेस, हेल्थकेयर और पर्सनल सिस्टमस का हिस्सा बन जाएगी।
हाल ही में शुरू हुई गूगल की डेवलपर कांफ्रेंस में कुछ नए और स्मार्ट होम डिवाइसेज और वियरेबल गैजेट्स सामने आ सकते हैं। पहले से मौजूद ऐसे ही कुछ वियरेबल गैजेट्स पर एक नजर-
नोकिया वाइब्रेटिंग टैटू
यह टैटू यूजर्स को कॉल्स और मैसेज के साथ-साथ लो बैटरी से जुड़ी सूचना देता है। इसमें फेरोमैग्नेटिक इंक की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। नोकिया ने इसका पेटेंट फाइल किया है।
ब्लूटूथ ग्लव्स
ये ब्लूटूथ ग्लव्स स्मार्टफोन से कनेक्टेड रहते हैं। इसमें 6 टच प्वाइंट बने हैं जिनसे आप ड्राइव करते हुए भी फोन कॉल्स का जवाब दे सकते हैं और बेसिक म्यूजिक कंट्रोल भी कर सकते हैं।
नाइक फ्यूल बैंड
ये बैंड आपकी डेली एक्सरसाइज और कैलोरी का पूरा हिसाब रखता है। इसमें लगी एलईडी लाइट आपको सूचना देती है। इसमें एक्सलेरोमीटर का इस्तेमाल किया गया है।
लॉरेक्स वीयूई
ये सनग्लासेस 2 जीबी या 5 घंटे तक के वीडियो और स्टीरियो साउंड को हाई रेजोल्यूशन में रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसमें इस्तेमाल की गई है एक बेहद छोटे कैमरे की तकनीक।
पेबल स्मार्ट वॉच
‘पेबल ई-पेपर वॉच’ की स्मार्ट वॉच आईफोन और एंड्रॉयड स्मार्टफोन के वाई-फाई, ब्लूटूथ से कनेक्ट होकर कॉल्स, ईमेल और मैसेज के बारे में जानकारी देती है। इसमें गेस्चर डिटेक्शन के साथ 3 एक्सिस एक्सेलेरोमीटर और ब्लूटूथ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।