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विराट विजय, व्यापक उम्मीदें

Fri, 16 May 2014 08:37 PM IST
नई दिल्ली
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सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत एक ऐतिहासिक घटना है, तो सिर्फ इसलिए नहीं कि उसने अपने पूरे वजूद में अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। केवल इसलिए भी नहीं कि तीस साल बाद स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली पहली और यह कीर्तिमान रचने वाली वह अकेली गैरकांग्रेसी पार्टी है।
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यह जीत उसके लिए इतनी बड़ी है, तो सबसे ज्यादा इसलिए कि तमाम आशंकाओं, आलोचनाओं और भीतरी विरोधों के बीच यह एक अकेले व्यक्ति की मेहनत का परिणाम है। इससे पहले यहां चुनाव कभी एक आदमी को केंद्र में रखकर नहीं लड़े गए। लेकिन मोदी का करिश्मा देखिए कि उनके नेतृत्व में भाजपा ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड में सभी सीटें हासिल कीं। महाराष्ट्र, हरियाणा, हिमाचल और झारखंड में उसका प्रदर्शन दमदार रहा, तो दक्षिण में उसकी विजय यात्रा कर्नाटक से आगे बढ़कर अंडमान-निकोबार तक पहुंची है। और जिस उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति को सबसे जटिल बताया जा रहा था, वहां उसने ऐतिहासिक जीत हासिल कर जाति, धर्म और समुदाय के बने-बनाए खांचों को इस तरह ध्वस्त कर दिया है कि सपा एक अंक में सिमट गई और बसपा खाता तक नहीं खोल पाई।

विकास का भाजपा का नारा तमाम चुनावी समीकरणों पर इस कदर भारी पड़ा कि उसने कई क्षत्रपों की राजनीति ठप कर दी। भाजपा की सबसे बड़ी उपलब्धि के साथ अब तक अटल बिहारी वाजपेयी का नाम जुड़ा था, जिनके नेतृत्व में पार्टी को एक सौ बयासी सीटें मिली थीं। लेकिन उससे सौ से भी अधिक सीटें जीतकर नरेंद्र मोदी ने पार्टी में वाजपेयी से बड़ी रेखा खींच दी है। यह भाजपा के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि है, तो कांग्रेस के लिए अपनी सबसे बड़ी हार; इतनी बड़ी कि वह संसद में विपक्ष की भूमिका निभाने लायक भी नहीं बची है!
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इससे पता चलता है कि जनता उसके कामकाज और सत्ता के अहंकार से किस कदर नाराज थी। जबकि भाजपा को मिला जनादेश इतना विराट है कि सरकार चलाने के लिए उसे गठबंधन सहयोगियों का दबाव झेलने की मजबूरी नहीं रहेगी। यह ताकत उसे सरकार चलाने की पूरी स्वतंत्रता देगी, तो उससे यह अपेक्षा भी रखेगी कि इस शक्ति का दुरुपयोग न हो और सबको साथ लेकर चला जाए। उसकी इस जीत में युवा मतदाताओं का बड़ा योगदान है, जो विकास और समृद्धि चाहते हैं। लिहाजा अब यह देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से अपने सपने पूरे होते देखना चाहेगा।
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