मॉडल टाउन स्थित पर्ल लिमिटेड के कार्यालय में एक साल से भुगतान न करने पर बृहस्पतिवार सुबह गुस्साए इंवेस्टरों ने जमकर हंगामा कर शाखा मैनेजर का घेराव किया।
अपनी कुर्सी छोड़कर भागने की कोशिश करते मैनेजर को लोगों ने कई घंटे तक घेरे रखा। नाराज लोगों का कहना था कि समय पूरा होने के बाद भी कंपनी उनका भुगतान नहीं कर रही है। लोगों के आक्रोश को देखकर मैनेजर ने भुगतान करने के लिए सोमवार तक का समय मांगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक उनका भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी के कार्यालय को ताला लगा देंगे।
कंपनी के कार्यालय पर हंगामा कर रहे चाहरवाल के रोहताश बैनीवाल का कहना था कि उसकी 58000, 25000 और 70000 हजार रुपये की एफडी थी, जो कि 10 महीने पहले पूरी हो चुकी है। 10 महीने से कंपनी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार कंपनी के कर्मचारी कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा देते हैं। पारता गांव से आए धर्मपाल का कहना है कि उसकी 32000 की तीन और एक लाख रुपये की एक एफडी है। यह एक साल पहले पूरी हो चुकी है। कंपनी ने अभी तक उनको भुगतान नहीं किया है। इसी तरह चूली के पीरथी की 13000, अयाल्की के बंसीलाल की 72000, भोलाराम की 50000 की काफी समय से एफडी पूरी होने के बाद भी कंपनी ने भुगतान नहीं किया है। रोहताश बैनीवाल और धर्मपाल का कहना है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों से पैसे लेकर कंपनी में इंवेस्ट किए थे। अब कंपनी पैसे देने में आनाकानी कर रही है। ऐसे में उनका कंपनी से विश्वास उठ गया है।
इंवेस्टरों की कर्मचारियों से हुई झड़प
शाखा मैनेजर का घेराव करने से पहले इंवेस्टरों की कंपनी के कंप्यूटर कर्मचारियों से भी झड़प हुई। इस दौरान इंवेस्टरों ने कंप्यूटर फेंकने की भी कोशिश की। बीच बचाव करने आए मैनेजर विरेंद्र सिंह ने नाराज लोगों को शांत करवाया। इसी दौरान इंवेस्टराें ने जब शाखा मैनेजर को घेरने का प्रयास किया तो मीडिया कर्मियों को देखकर शाखा मैनेजर ने भागने की कोशिश की लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने शाखा मैनेजर को नहीं जाने दिया। करीब तीन वर्ष पहले भी कंपनी में गोलमाल की बातें सामने आने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। उस समय भी काफी लोगों ने अपने पैसे निकलवा लिए थे।
कोट
पर्ल लिमिटेड के शाखा मैनेजर विरेंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी में सीबीआई की जांच के चलते भुगतान में देरी हो रही है। सीबीआई से हरी झंडी मिलने के बाद इंवेस्टरों का भुगतान कर दिया जाएगा।