एमडीयू में आने-जाने की नई व्यवस्था के विवाद में आखिरकार विवि प्रशासन को छात्रों की मांगें माननी पड़ी।
छात्रों के विरोध और कई शिक्षकों की नाराजगी के बाद शनिवार को एमडीयू प्रशासन ने गेट नंबर दो से एंट्री शुरू करा दी। हालांकि बाहर निकलने के लिए गेट नंबर एक पर प्रतिबंध बरकरार है।
इधर, निर्णय से पहले विद्यार्थियों ने शनिवार सुबह 11 बजे प्रेस वार्ता बुलाकर चेतावनी दी थी कि यदि दोनों गेट से एंट्री शुरू नहीं की गई तो गेटों पर ताले जड़ दिए जाएंगे।
करीब एक माह पहले सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर एमडीयू प्रशासन ने विवि में जाने और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग गेट तय कर दिए थे। गेट-एक अंदर जाने के लिए और गेट-दो बाहर निकलने के लिए ही उपयोग किया जा सकता था। इस प्रयोग के बाद से ही इसका विरोध भी शुरू हो गया था।
विरोध करने वालों का कहना था कि यूनिवर्सिटी में जाने के लिए दिल्ली बाईपास तक घूमकर आना पड़ता है। कुछ शिक्षकोें ने भी प्रयोग को वक्त और ईंधन की बर्बादी वाला बताया था। बुधवार को यूआईईटी के विद्यार्थियों ने दोनों गेट से एंट्री की मांग करते हुए जमकर हंगामा करने के बाद दोनों गेटों को बंद कर दिया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विद्यार्थियों से दो दिन का समय मांगा था। इसके बाद कुलपति एचएस चहल ने शिक्षकों से चर्चा करने के बाद दोनों गेट से एंट्री शुरू करने का निर्णय लिया।
गेट एक पर प्रतिबंध रहेगा बरकरार
कुलपति के निर्देश के बाद शनिवार दोपहर 3:30 बजे से गेट-दो से प्रवेश शुरू करा दिया गया। लेकिन गेट नंबर एक से बाहर निकलने का प्रतिबंध बरकरार है। यूनिवर्सिटी में जाने के लिए दोनों गेट का उपयोग किया जा सकेगा, लेकिन बाहर निकलने के लिए केवल गेट नंबर दो का ही उपयोग होगा।