शहर में आम आदमी ही नहीं, खाकी भी सुरक्षित नहीं है।
24 घंटे में खाकी पर हमले के दो मामलों ने खुद पुलिस की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट परिसर में थाना कलानौर में तैनात एसआई और आयुक्त आवास पर एक कांस्टेबल के साथ हाथापाई और मारपीट की गई।
खैरड़ी गांव में एक माह पहले घर में घुसकर मारपीट के एक मामले में नामजद 13 आरोपियों में से शुक्रवार को चार ने सीजेएम अश्वनी कुमार की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने थाना कलानौर पुलिस को आदेश दिए कि वह आरोपियों को तफ्तीश में शामिल करे। जांच अधिकारी एसआई योगेंद्र सिंह कोर्ट पहुंचे और कार्रवाई शुरू की।
पहले बहस फिर हाथापाई
वहां पर मौजूद आरोपियों ने एसआई के काम पर टिका-टिप्पणी शुरू कर दी। मामला बढ़ा तो एसआई ने उन्हें चुप रहने को कहा। नहीं माने तो बहस हो गई। आरोप तो ये भी हैं कि उन्होंने उनके साथ मारपीट करने की नीयत से हाथापाई की। लोगों ने बीच बचाव कर मामला सुलझाया। एसआई योगेंद्र सिंह ने थाना सिविल लाइन पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने रतन सिंह समेत चार पर नामजद मामला दर्ज किया है। वहीं, चारों आरोपियों ने कोर्ट में एक शिकायत पत्र दाखिल करते हुए एसआई पर गंभीर आरोप लगाए। एसआई ने भी कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया है।
आयुक्त आवास पर कांस्टेबल को पीटा
कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह रोहतक मंडल के आयुक्त चंद्रशेखर के दिल्ली रोड स्थित निवास पर बतौर सुरक्षा गारद तैनात है। बृहस्पतिवार रात को जब वह ड्यूटी पर तैनात था तो दो युवक आए और आयुक्त आवास के भीतर जाने लगे। रोका तो पहले हाथापाई और फिर मारपीट पर उतर आए। शोर सुन लोग पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। मॉडल टाउन चौकी से पुलिस पहुंची और दोनों युवकों को काबू कर लिया। पहचान उत्तराखंड के अलमोड़ा जिला निवासी इंद्र व गोपाल के रूप में हुई है। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
वर्जन
‘शुक्रवार को कोर्ट परिसर में एसआई योगेंद्र के साथ हाथापाई व मारपीट की शिकायत मिली है। वहीं, बृहस्पतिवार रात आयुक्त आवास पर कांस्टेबल सुरेंद्र के साथ मारपीट की शिकायत भी मिली है। मामला दर्ज कर लिया गया है।
वजीर सिंह रेढू, एसएचओ, थाना सिविल लाइन, रोहतक।