लोकतंत्र के पर्व और उत्सव का दिन आ गया है। आज मतदाता ही चौधरी है।
आपका एक-एक वोट तय करेगा, कौन होगा आपका विधायक।
आप तय करेंगे कौन चलाएगा आपका प्रदेश। खुलकर मतदान कीजिए। सियासी सूझबूझ के लिए देशभर में विख्यात महम चौबीसी जिले में वोटिंग में हर बार आगे रहता है।
यहां जितना कांटे का मुकाबला, पोलिंग उतनी ही ज्यादा। पिछले तीन चुनाव में तो यहां 77 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने विधायक चुनने में पूरा उत्साह दिखाया है। बुधवार को सीएम हलके गढ़ी-सांपला-किलोई, रोहतक शहर और कलानौर के मतदाताओं के सामने महम को पछाड़ने की चुनौती होगी। वहीं, महम पर चढ़े सियासी रंग को देख इस बार भी यहां खुलकर वोटिंग के आसार बन रहे हैं। प्रशासन ने 80 फीसदी से ज्यादा मतदान का लक्ष्य रखा है। देखना है कि महम की जनता अपना ही रिकॉर्ड तोड़ती है या दूसरे हलके के लोग इससे आगे निकलते हैं। बता दें कि सीएम हलके गढ़ी-सांपला-किलोई में सबसे ज्यादा तो महम में सबसे कम वोटर हैं।
कब, कहां कितने प्रतिशत हुआ मतदान
वर्ष महम किलोई रोहतक कलानौर
1977 64.50 61.33 65.96 57.20
1982 69.81 68.54 72.07 61.85
1987 71.83 68.02 66.84 65.86
1991 65.98 64.52 61.21 60.78
1996 71.59 68.89 70.77 65.78
2000 77.59 70.75 59.68 64.36
2005 77.70 67.40 64.75 70.25
2009 77.77 68.66 62.17 62.14
महम चौबीसी हर बार आगे क्यों?
सबसे बड़ा सवाल, हर बार महम हलके के वोटर खुलकर मतदान क्यों करते हैं? सियासी सूझबूझ और कांटे का मुकाबला। प्रदेश की निगाह महम पर। पूर्व प्रधानमंत्री देवीलाल को चौबीसी ने सियासत के शीर्ष तक पहुंचाया। गोलीकांड के बाद उमड़ी भावनाएं। चौबीसी चबूतरे का ऐतिहासिक महत्व। सब मतदाता को घर से बाहर निकालने में बड़े कारण।
यूं पोल होगा आपका वोट, फर्जी पोलिंग रोकने के लिए प्लानिंग
फर्जी मतदान रोकने केलिए प्रशासन ने खास रणनीति बनाई है। वोट तभी डालने दिया जाएगा, जब उसकी पहचान मतदाता सूची से मिलान पर सुनिश्चित होगी। पहले प्रथम पोलिंग अधिकारी फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र या चुनाव स्लीप या फिर आयोग द्वारा निर्धारित किए गए वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए मतदाता की पहचान करेगा। इसके बाद बाएं हाथ की सबसे पहली (अंगूठे के साथ वाली) उंगली पर स्याही का निशान लगाया जाएगा। प्रत्येक मतदाता को अपनी पहचान व उंगली पर लगी स्याही की प्रमाणिकता के बाद फोटोयुक्त चुनाव स्लीप पोलिंग अधिकारी को सौंपनी पडे़गी। सुनिश्चित किया जाएगा कि स्याही अच्छी तरह लगी हो और उसे साफ करने की कोशिश न की गई हो। इसके बाद ही संबंधित मतदाता के फार्म-17 ए के रजिस्टर में हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाएगा। अगर किसी मतदाता के हाथ पर कोई तेलीय पदार्थ लगा है तो उसे स्याही लगाने से पहले अच्छी प्रकार से साफ करना होगा। मतदान केंद्र छोड़ने से स्याही अच्छे से सूख जानी चाहिए।
जानिए ये भी
जिले में कुल मतदाता: 7,08368
पुरुष मतदाता: 3,83299
महिला मतदाता: 3,25069
कुल सर्विस मतदाता: 6,587
पुरुष सर्विस मतदाता: 4,386
महिला सर्विस मतदाता: 2,201
कुल मतदान केंद्र: 737
मैदान में: 61 उम्मीदवार
किस हलके में कितने मतदाता
महम:
कुल मतदाता: 1,66933
पुरुष मतदाता: 91934
महिला मतदाता: 74999
मतदान केंद्र: 205
गढ़ी-सांपला-किलोई
कुल मतदाता: 190869
पुरुष मतदाता: 104586
महिला मतदाता: 86283
मतदान केंद्र: 195
रोहतक
कुल मतदाता: 173412
पुरुष मतदाता: 90533
महिला मतदाता: 81879
मतदातन केंद्र: 150
कलानौर
कुल मतदाता: 177154
पुरुष मतदाता: 96246
महिला मतदाता: 80908
मतदान केंद्र: 187
इन बातों का रखें ध्यान
पार्टी की ओर से दी गई वोटर स्लिप न ले जाएं
पार्टियों की ओर छपवाई गई वोटर स्लिप मान्य नहीं होगी। यदि कोई ऐसी मतदाता पर्ची और हैंड बिल मतदान केंद्र पर जाएगा, उसे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा है ऐसी वोटर स्लिप लाने वालों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कार्रवाई होगी और इसे अपराध माना जाएगा।
मतदान केंद्र पर मिलेगी वोटर स्लिप
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदाता पहचान पत्र और अगर किसी कारण से किसी मतदाता को आयोग की वोटर स्लीप नहीं मिलती है तो वोटर मतदान केंद्रों पर बनाए जाने वाले मतदाता सहायता डेस्क पर जाकर बीएलओ से स्लीप ले सकते हैं। मतदाता किसी भी फोटो युक्त पहचान पत्र को दिखाकर वोट डाल सकता है।
न ले जाएं मोबाइल
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी मतदाता के पास मोबाइल मिला तो जब्त किया जा सकता है। वहीं, मतदान केंद्र में न बताएं कि आपने किसको वोट दिया है या देंगे? ऐसा करने पर आपको वोट नहीं देने दिया जाएगा।