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फिल्म देखकर शिक्षक ने की थी ज्वेलरी शॉप में सेंधमारी

Tue, 13 May 2014 01:45 AM IST
Jhajjar
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 धूम फिल्मों की सीरिज देखकर हरियाणा के झज्जर का रहने वाला एक शिक्षक शातिर चोर बन गया। उसने अपने गैंग बनाया और बेेहद शातिर तरीके से दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक ज्वेलर की दुकान में वारदात को अंजाम दिया। लेकिन छानबीन के दौरान आरोपी शिक्षक अपने गैंग के एक सदस्य के साथ दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के हत्थे चढ़ गया। आरोपी शिक्षक व मास्टरमाइंड की पहचान गांव बिरोहर, झज्जर, हरियाणा निवासी राजेंद्र दागी (45) और गांव बेहरोर, झज्जर, हरियाणा निवासी अभिमन्यु उर्फ काला (19) के रूप में हुई है।
 पुलिस ने आरोपियों के पास से उड़ाए गए दो लाख रुपये के जेवरात बरामद कर लिए हैं। पुलिस को गैंग के तीसरे आरोपी सोनू की तलाश है। गैंग ने गैस कटर व अन्य उपकरणों की मदद से ज्वेलर की दीवार काटकर वारदात को अंजाम दिया।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक चांद ने बताया कि 24 मार्च 2014 को पहाड़गंज इलाके में भारत ज्वेलर के यहां बदमाशों ने सेंधमारी कर पांच लाख से अधिक के जेेवरातों पर हाथ साफ कर दिया था। बदमाशों ने ज्वेलर के बराबर वाले होटल पिकाउ में कमरा लिया। पहले बदमाश कमरे की छत को काटकर नीचे ग्राउंड फ्लोर के खाली कमरे में आए। उसके बाद खाली कमरे से लगी ज्वेलर की दीवार को तोड़कर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
इस बीच एसीपी सुरेश कौशिक और इंस्पेक्टर अशोक कुमार की टीम को सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने में हरियाणा का एक शिक्षक मास्टर माइंड है। रविवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि वारदात को अंजाम देने वाला गैंग गांव बिरोहर, झज्जर, हरियाणा में है। पुलिस ने छापा मारकर आरोपी मास्टर माइंड व उसके एक साथी को दबोच लिया। पुलिस ने इनके घर से वारदात को अंजाम देने वाला गैस कटर, ड्रिलिंग मशीन और अन्य औजारों के अलावा वारदात में इस्तेमाल दस्ताने बरामद हुए। शिक्षक राजेंद्र दागी ने बताया कि उसने अभिमन्यु और सोनू के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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कैसे देते थे वारदात को अंजाम...
मास्टर माइंड राजेंद्र दागी ने बताया कि धूम फिल्मों में सेंधमारी करने के अजीबों गरीब तरीके देखकर उसने इसी तरीके से वारदात को अंजाम देने की ठानी। वारदात को अंजाम देने से पूर्व गैंग ऐसे ज्वेलर की तलाश करते थे, जिनकी दुकान किसी होटल से सटी हो। प्लॉन के तहत होटल में कमरा किराए पर लिया जाता था। उसके बाद आधुनिक उपकरणों से छत को काटकर दुकान में पहुंचा जाता था। राजेंद्र ने बताया कि उसने मार्च 2014 में ही करोलबाग में एक ज्वेलर के यहां इसी तरह वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। लेकिन ऐन मौके पर छत और ज्वेलर की दुकान के बीच एक मोटा बीम आ गया जिसे काटा नहीं जा सका। गैंग को वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा। बाद में पहाड़गंज में वारदात को अंजाम दिया गया। पहाड़गंज में वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाश होटल पिकाउ में नौ दिन रुके थे।
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कौन है राजेंद्र दागी और कैसे बना सेंधमार...
एमए-बीएड किए राजेंद्र दागी ने 2002 में हरियाणा में शिक्षक की सरकारी नौकरी शुरू की। अपनी हाईफाई लाइफ जीने के अंदाज की वजह से वह कर्जे में डूब गया। राजेंद्र के पास कुछ बच्चे ट्यूशन पढ़ने के लिए आते थे। पकड़ा गया आरोपी अभिमन्यु राजेंद्र के शिष्य का दोस्त था। अभिमन्यु के बारे में पता चलते ही राजेंद्र ने उसे अपने साथ रख लिया। वह पेपरों में रुपये लेकर छात्रों को नकल कराने में उसकी मदद लेने लगा। राजेंद्र एक करोड़ से अधिक का कर्जा हो गया। उसने कर्जा उतारने के लिए धूम फिल्म देखकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। कई बार अभियास करने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
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हरियाणा के कई ज्वेलर की कर ली थी रैकी...
पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने बताया कि दिल्ली में वारदात को अंजाम देने के दौरान उन्हें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बचने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ी। इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने दुबारा दिल्ली मेें वारदात को अंजाम न देने की इरादा किया। बदमाशों ने पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, रोहतक और गुड़गांव के कई ज्वेलर की रैकी कर ली थी। शनिवार रात को वह चरखी-दादरी में बालाजी ज्वेलर के यहां वारदात को अंजाम देने भी गए थे, लेकिन किसी कारण वह वापस गांव लौट गए।
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