‘ये शहर ही हमारे लिए मनहूस है। यहां आए हुए दिन ही कितने हुए थे हमें और इस शहर ने जान से प्यारी मेरी काजल को मुझ से छीन लिया। अब मैं इस शहर में बिल्कुल भी नहीं रहूंगी।’
यह कहना था शिवाजी कॉलोनी में रहने वाले विजय की पत्नी अंजू का। विजय की 4 वर्षीय बेटी काजल ने गुरुवार सुबह गुब्बारा निगल लिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। उस समय उसकी मां अंजू बाजार में फेरी लगाने गई थी।
फेरी लगाकर जब हर रोज की तरह अंजू थकी हारी घर पहुंची तो वहां एकदम सन्नाटा पसरा हुआ था। अंजू को जरा भी इल्म नहीं था कि उसके पीछे से उसकी बेटी काजल जिसे वह जान से भी ज्यादा चाहती है इस दुनिया को छोड़ कर चली गई। उसे जब पता चला तो पहले उसे विश्वास नहीं हुआ।
और जब भरोसा हुआ तो जैसे वह पागल हो गई। अपनी बेटी के बिना वह मर जाने की जिद लगा बैठी। आस-पड़ौस के लोगों ने व विजय ने उसे दिलासा दिलाया। इस पर अंजू ने कहा कि अब उसे इस शहर में नहीं रहना है। यह शहर उसके परिवार के लिए बहुत मनहूस साबित हुआ है।
गौरतलब है कि मूल रूप से गुजरात के अहमदाबाद निवासी विजय बृहस्पतिवार सुबह अपने किराए के घर में बैठा हुआ था। वो काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे उनके पास बैठी उनकी 4 साल की बेटी काजल गुब्बारा निगल लिया। गुब्बारा उसके गले में जा फंसा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।
विजय चार दिन पहले ही अपनी पत्नी व तीन बच्चों के साथ रोहतक आया था। उससे पहले वह अहमदाबाद में ही रहता था। विजय ने बताया कि वह यह सोचकर रोहतक आया था कि यहां पर पति पत्नी दोनों मिलकर मेहनत करेंगे तथा कुछ रुपये कमाएंगे। मगर यहां आने के बाद तो उनकी खुशियां ही उजड़ गई।