फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवार से नाराज मुखिया

Thu, 03 Sep 2015 07:43 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार में 'महागठबंधन' से अलग होने के फैसले से मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में कुछ खास फायदा भले न हो, लेकिन इससे नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें जरूर बढ़ गई हैं। वास्तव में बिहार में सपा के पास खोने के लिए कुछ भी नही है, इसके बावजूद जनता दल (यू), राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के गठबंधन ने उसे पांच सीटें दी थीं, लेकिन पार्टी की यह नाराजगी वाजिब है कि टिकट बंटवारे पर होने वाली चर्चा में उसके नेता को विश्वास में नहीं लिया गया।
विज्ञापन


फिर भूलना नहीं चाहिए कि इसी वर्ष अप्रैल में ही जनता पार्टी के छह पुराने धड़ों को मिलाकर जनता परिवार की एकजुटता की घोषणा की गई थी और बिना नाम वाली इस प्रस्तावित नई पार्टी का मुखिया भी मुलायम सिंह यादव को बनाया गया था। जनता दल (यू) के नेता शरद यादव ने मुलायम सिंह को मना लेने की उम्मीद जताई है, लेकिन सपा नेता सियासत के ऐसे माहिर खिलाड़ी हैं कि वह कोई भी दांव बिना सोचे-समझे नहीं चलते। ऐसे में उनके इस कदम के अलग-अलग ढंग से मायने भी निकाले जा रहे हैं। मसलन, क्या उनके इस कदम का उत्तर प्रदेश की सियासत से कोई लेना-देना है, जहां राज्यपाल ने लोकायुक्त की नियुक्ति से संबंधित अखिलेश सरकार की फाइल लौटा दी है? क्या सपा को कांग्रेस का महागठबंधन में होना और उससे अधिक महत्व मिलना गवारा नहीं? आखिर पटना में हुई महागठबंधन की पहली रैली में मुलायम सिंह ने खुद न जाकर अपने छोटे भाई शिवपाल सिंह को भेजा था, जहां मंच पर नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के साथ ही सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।

बहरहाल, रामगोपाल यादव ने बिहार में अब अकेले ही चुनाव लड़ने की बात की है, लेकिन यह भी हो सकता है कि वह महागठबंधन से पहले ही अलग हो चुकी एनसीपी और लालू का साथ छोड़कर अलग पार्टी बनाने वाले पप्पू यादव जैसे नए साथी तलाशें। उनसे जद (यू) और राजद के ऐसे असंतुष्ट भी जुड़ सकते हैं, जिन्हें उनकी पार्टियां टिकट देने से इन्कार कर दें। नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की चुनौती होगी कि वह किस तरह एनडीए या भाजपा विरोधी मतों का बिखराव रोक पाते हैं। फिलहाल तो उन्हें यह देखना होगा कि उनकी पार्टियों में कोई बिखराव न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें