जांच में मिली गड़बड़ी फिर भी मेहरबान बना प्रशासन
रेवाड़ी। गांव रामगढ़ में पूर्व पंचायत की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत कराए गए विकास कार्यों की जांच को लेकर हुई शिकायतों के बाद जिस अधिकारी को मूल्यांकन का जिम्मा सौंपा गया था उसकी ओर से अभी तक जांच कार्य शुरू नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है प्रशासन इस मामले में लापरवाही बरत रहा है।
गांव रामगढ़ निवासी महेश कुमार ने सूचना अधिकार के तहत पूर्व पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों और मनरेगा स्कीम के तहत कराए गए कार्यों और उनके मस्ट्रोल में भी गड़बड़ी मिली है। शिकायतकर्ता की ओर से इस नुकसान का मूल्यांकन कराने के लिए उपायुक्त को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद 7 फरवरी को पंचायती राज विभाग के उपमंडल अधिकारी को पत्र लिखकर यह कार्य करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अभी तक पंचायती राज विभाग की ओर से भी इसकी जांच नहीं की गई है।
शिकायतकर्ता ने जब मूल्यांकन जांच को लेकर जानकारी मांगी तो विभाग ने भेजे पत्र में बताया कि मनरेगा स्कीम के तहत रिकॉर्ड की जांच में पाया गया है कि मस्ट्रोल पर मजदूरों के हस्ताक्षर नहीं हैं और उन्हें मजदूरी भी अकाउंट पेयी चैक से की गई है, जबकि यह राशि मजदूरों के खाते में ट्रांसफर होनी थी।
इसके अलावा मनरेगा जॉब कार्ड में 15 व्यक्तियों के नाम डबल दर्ज हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रशासन से जांच को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यह कार्य नहीं किया गया है।