कोई स्टार प्रचारक चुनाव प्रचार खत्म होने की तिथि और समय के बाद हलके में पाया गया तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।13 अक्टूबर को शाम 6 बजे नियमानुसार प्रचार थम जाएगा। इस समयावधि के बाद केवल वही स्टार
प्रचारक हलके में रह सकता है, जिसका उक्त विधानसभा क्षेत्र में वोट है। इसके अलावा अगर कोई अन्य स्टार प्रचारक हलके में पाया जाता है तो उस पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने का प्रावधान है। यह आदेश जिला निर्वाचन अधिकारी और डीसी डा. अमित कुमार अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को जारी किए।
उन्होंने कहा कि प्रचार थमने के बाद एक उमीदवार को तीन गाड़ियों की ही स्वीकृति मिलेगी। तीन गाड़ियों में उमीदवार खुद, उसका एजेंट और उस द्वारा अधिकृत कोई भी व्यक्ति हलके में इस्तेमाल कर सकता है। इनका वोट हलके में ही होना चाहिए।
हरेक गतिविधि होगी कैमरे में कैद
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नियमों के आधार पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को चुनाव में पीला, नीला व लाल कार्ड दिखा दिया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर उम्मीदवारों की हरेक गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। वहीं, हुडा प्रशासक एवं चुनाव खर्चा के नोडल अधिकारी पंकज ने कहा है कि अगर उम्मीदवार निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा में सही विधि से चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं देता है तो उसे अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को उन्होंने राजनीतिक दलों के उम्मीदवारोें, प्रतिनिधियों व रिटर्निंग अधिकारियों की बैठक ली।
उम्मीदवारों को दिखाया वीवीपैट का ट्रायल
जिला विकास सदन केे कांफ्रेंस हाल में रोहतक विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विधानसभा क्षेत्र में पहली बार प्रयोग होने वाले वोट वैरिफायर पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) मशीन का ट्रायल दिखाया गया। वीवीपैट मशीन पहले से प्रयोग की जाने वाली ईवीएम की तरह ही है। केवल इसमें बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट के साथ दो अतिरिक्त कंपोनैंट प्रिंटर व डिस्पले स्क्रीन को जोड़ा गया है। मतदाता अपने वोट डालने की इलेक्ट्रानिक के साथ-साथ फिजिकल भी पुष्टि कर सकेंगे। वोट डालने के बाद बीप की आवाज सुनाई देगी और उसके बाद एक सफेद रंग की पर्ची जो कि मशीन के भीतर होगी और स्क्रीन पर दिखाई देगी। इस पर्ची पर मतदाता का वोट नंबर और यह लिखा होगा कि उसने किस प्रत्याशी को वोट दिया है। स्क्रीन पर इस पर्ची के विवरण को 7 सेकेंड तक देखा जा सकता है। इस समय के बाद यह पर्ची मशीन केे अंदर ही सील हो जाएगी। रसीद चुनाव आयोग केे पास संरक्षित रहेगी।