वैज्ञानिकों ने इस सॉफ्टवेयर में अलग-अलग पक्षियों की रिकॉर्ड की गई आवाज़ का इस्तेमाल किया है। उन आवाज़ों का भी इस्तेमाल किया है जब कई चिड़ियां समूह में होती हैं और एक साथ चहचहा रही होती हैं।
यह रिपोर्ट जर्नल पीयरजे में छपी है। डॉक्टर डेन स्टोवेल इस रिपोर्ट के मुख्य लेखक हैं।
उन्होंने बीबीसी को बताया, ''चिड़ियों की कई मौजूदा प्रजातियों की आवाज़ की रिकॉर्डिंग्स को सुनकर और कम्प्यूटर की मदद से मैं ये बताने में सक्षम था कि ये अमुक आवाज़ किस पक्षी की है।''