कलानौर-बेरी मार्ग पर खेतों में लगी आग से करीब 150 एकड़ भूमि में खड़े फांस तथा 6 एकड़ गेहूं की फसल आग से जलकर राख हो गई। किसानों का खेताें में रखा कोई पांच सौ मन से ज्यादा भूसा भी आग की चपेट में आने से राख हो गया। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल केंद्र झज्जर से गाड़ी पहुंची।
मगर आग इतने जोरदार तरीके से फैली कि बहादुरगढ़ से दो और गाड़ी बुलानी पड़ी। तीन गाड़ियों से तीन घंटे से ज्यादा की मशक्कत से आग पर काबू पाया जा सका। आग कैसे लगी इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
रविवार को करीब 12 बजे कलानौर मार्ग पर नसीब के खेतों में आग लगी। हवा के साथ आग ढ़राणा की ओर से जुड़े खेतों से चल रही थी। नसीब के खेतों में आग के बाद यह अन्य किसानों के खेतों भी फै लती चली गई। एकाएक आग लगने से 150 एकड़ फांस जलकर राख हो गई।
इसके अलावा सतीश नामक किसान की निकालकर रखी गई गेहूं भी आग की चपेट में आ गई जबकि दो एकड़ गेहूं जो काटी जानी थी वह भी आग की चपेट में आ गई। किसान सतीश ने बताया कि आग की लपटें गांव ढराणा की तरफ से आई थी। जैसे ही हमारे खेतों में थोड़ी लपटें आने लगी जभी हमने आग की सूचना दमकल विभाग को दी। जिससे हमारे खेतों में फास में आग लग गई काफी नुकसान हो गया है। खेत में रखा 500 मण तूड़ा भी आग की भेंट चढ़ गया है।
इन किसानों को हुआ नुकसान
आगजनी के चलते करीब 150 एकड़ भूमि में खड़ी फांस के अलावा जो भूसा और गेहूं जला है उससे राजबीर पुत्र दयानंद बलवान सिंह पुत्र भूप सिंह नवीन पुत्र हंसराम, देवेंद्र पुत्र रामसिंह, सतीश पुत्र रामसिंह शामिल हैं।
बेरी में दमकल केंद्र होता तो कम होता नुकसान
आग से प्रभावित किसान नवीन का कहना था कि बेरी को उपमंडल का दर्जा मिले चार साल से ज्यादा हो गए हैं लेकिन यहां पर दमकल केंद्र नहीं है। जिससे आगजनी की घटना के समय में बहादुरगढ़ व झज्जर ने गाड़ी मंगवानी पड़ती है जब तक दमकल की गाड़ी पहुंचती है जब तक सब कुछ तबाह हो जाता है। आज भी यदि बेरी से गाड़ी खेतों में जाती तो काफी नुकसान होने से बच जाता।
मातनहेल में भी लगी आग
बहूझोलरी संवाददाता के अनुसार मातनहेल के खेतों में भी दोपहर में आग लगने से करीब 25 एकड़ गेहूं की फांस जल गई। काला पुत्र सूरत सिंह की 20 एकड़ की फांस, राजपाल पुत्र सूरत सिंह की तीन एकड़ तथा महा सिंह के दो एकड़ गेहूं के फांस जल गए। दमकल केंद्र के से गाड़ी पहुंची तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका।
दौड़ते रहे कर्मचारी
झज्जर जिले के बेरी और मातनहेल क्षेत्र के अलावा आज छारा क्षेत्र में भी आग लगी। कु छ समय के अंतराल पर तीन स्थानों पर आग लगने के कारण दमकम केंद्र के कर्मचारियों की दौड़ लगती रही। चूंकि झज्जर में केवल 15 कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि यहां 60 से अधिक लोगों के स्टॉफ की आवश्यकता है। इसीलिए बहादुरगढ से गाड़ियां बुलानी पड़ी। झज्जर दमकल केंद्र के कर्मियों को आज खूब मशक्कत करनी पड़ी।