फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा व्यवस्था पर अपने ही नाराज

Wed, 03 Sep 2014 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीयू में सुरक्षा व्यवस्था की नई कवायद अपनों को ही रास नहीं आ रही है।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक से एंट्री के लिए भी दिल्ली बाइपास तक जाने से कई शिक्षकों को आपत्ति है। जबकि बाहर निकलने के लिए भी दो नंबर गेट पर जाने से एतराज है। कई विद्यार्थी भी घुमकर आने के लिए तैयार नहीं है।  
 

 सोमवार से एमडीयू प्रशासन ने गेट नंबर एक से अंदर आने और दो नंबर गेट से बाहर जाने की व्यवस्था की है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दो नंबर गेट पर एक शिक्षक कार लेकर पहुंचे। वे इसी गेट से अंदर जाना चाहते थे, लेकिन गार्ड ने उन्हें एक नंबर गेट से जाने के लिए कहा।
विज्ञापन


कई विद्यार्थी भी इस दौरान बाइक लेकर आए और अंदर जाने की बात की लेकिन गार्डों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। ऐसे में झल्लाए शिक्षक ने रांग साइट से ही एक नंबर गेट की तरफ अपनी कार बढ़ाई लेकिन पीसीआर खड़ी होने के कारण वे लौट आए। दिल्ली बाइपास सर्किल से होते हुए वे एक नंबर गेट पर पहुंचे, यहां गार्ड से नाराजगी जताई।

गेट के सामने लगे बैरिकेट्स को लेकर उन्होंने कहा कि उधर से एंट्री बंद कर दी यहां से कट बंद कर दिया। गार्ड ने शिक्षक का सलाह दी कि वे अपनी शिकायत रजिस्ट्रार या कुलपति से करिए हम कुछ नहीं कर सकते। गार्ड ने बताया कि सुबह से करीब चार शिक्षक इस तरह की बहस कर चुके हैं। विद्यार्थी भी धमकाने वाले लहजे में बात करते हैं।
पुलिस ने कहा हम है ना
   पुलिसकर्मियों ने गार्ड्स को हिदायत दी है कि वे सीधे तौर पर किसी से न उलझे यदि कोई व्यक्ति उनकी बात नहीं मानता या फिर जबरदस्ती करता है तो उसकी गाड़ी का नंबर नोट कर ले और पीसीआर को दे दें इसके बाद पुलिस अपने ढंग से देख लेगी। इस दौरान वूमन पीसीआर नंबर दो भी यूनिवर्सिटी में चक्कर लगाती नजर आई।
विज्ञापन

लेकिन यहां ढिलाई जारी है
गेट नंबर एक और दो पर तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गार्डों की संख्या दो-दो से बढ़ाकर चार-चार कर दी है। लेकिन छह नंबर गेट पर पुख्ता व्यवस्था की जरूरत अभी भी है। मंगलवार को यहां गेट पर कोई गार्ड नजर नहीं आया। हालांकि ओल्ड कैंपस के बाद वाले छोटे गेट पर एक गार्ड जरूर मौजूद था, लेकिन बाहरी लोगों के लिए सबसे आसान इस गेट पर एक गार्ड की मौजूदगी काफी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें