जिले के गांव लोहारी निवासी छात्रा के साथ दुराचार करने वाले पुलिसकर्मी पर इस कदर हैवानियत सवार थी कि उसने अपने साथी की सलाह को भी दरकिनार कर दिया। बर्खास्त एएसआई पर हैवानियत इस कदर चढ़ चुकी थी कि अपने साथी आरोपी से निजी कार मंगवाई और उसी कार में उसे लेकर गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही आरोपी एएसआई का जुर्म साबित होने के कारण उसे बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर छात्रा के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुराचार और छेड़छाड़ का मामला मुख्यमंत्री के दरबार पहुंच गया और परिजनों ने पुलिस को बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 30 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
गत 18 मई की रात को घर से निकली छात्रा का अपहरण कर दुराचार करने के बाद लावारिस हालत में छोड़ देने और उसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा दुराचार करने के मामले में जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे लोग उन फरार आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सड़कों पर उतरने लगे हैं।
हालांकि मामले की जांच में अभी भी कई पेंच हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस की जांच में सामने आया है कि छात्रा को बहादुरगढ़ वाले फ्लाईओवर पर पीसीआर नंबर 1 मिली थी। इस पीसीआर में उस समय ईएचसी सतबीर और एएसआई अनिल कुमार की ड्यूटी थी। उन्होंने छात्रा को अकेला देखा और उससे पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान एएसआई अनिल की नीयत उस लड़की पर खराब हो गई और वह उससे अनाप शनाप बातचीत करने लगा।
हेडकांस्टेबल ने किया था बार-बार मना
एएसआई अनिल की बुरी नीयत को जानकर पीसीआर ड्यूटी पर ही मौजूद ईएचसी सतबीर ने उसे ऐसा करने से मना किया था। जांच में सामने आया है कि सतबीर ने उसे लड़की को थाना में ले जाने की बात भी कही थी, लेकिन अनिल पर वासना का ऐसा भूत सवार हो चुका था कि उसने उसकी बातों को दरकिनार कर दिया था। सतबीर के बार-बार मना करने के बाद भी उसने अपनी बदनीयती को अंजाम देने के लिए उसने अपने साथी हेड कांस्टेबल रोहतास को फोन किया और अपनी कार लेकर आने की बात कही। छात्रा ने भी अपने बयान में कहा है कि एक पुलिसकर्मी ने गलत काम करने से रोका था, लेकिन वह नहीं माना।
लड़की मिलने की बात सुनते ही पहुंच गया था रोहतास
इस पर उसने रोहतास को भी अकेली लड़की मिलने की बात बताई तो वह भी जल्द ही अपनी गाड़ी लेकर वहां पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने भी छात्रा से पूछताछ के नाम पर अश्लील बात की और उसे कार में बैठाकर अपने साथ ले गया। बताया जा रहा है कि छात्रा को अपने साथ ले जाने के बाद उसने उसके साथ बदसलूकी की, लेकिन दुराचार के मकसद में कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद वह उस लड़की को लेकर वापस आ गया। उसके बाद एएसआई अनिल कुमार उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद वह किसी तरह उनके चंगुल से निकल गई और कबलाना रोड स्थित एक फैक्ट्री के पास पहुंच गई। वहां से किसी ट्रैक्टर में बैठी और बहादुरगढ़ पहुंच गई और वहां से बस में बैठकर गुड़गांव पहुंच गई थी।
सीएम के दरबार पहुंचा मामला
पुलिस कर्मियों के दुराचार और छेड़छाड़ करने का मामला बृहस्पतिवार को सीएम दरबार में भी गूंजा। स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री के धन्यवादी सम्मेलन में छात्रा के परिजन और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और साथ ही उन्हें पुलिस की लचर कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में एसपी से बातचीत करेंगे, लेकिन छात्रा के परिजनों और ग्रामीणों ने सीएम के आश्वासन पर असंतोष जताया। उन्होंने साफ कहा कि मामला संगीन होने के बाद भी पुलिस बहुत ढिलाई से कार्य कर रही है। पुलिसकर्मियों के मामले में फंसा होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी रात ही रात में कर उन्हें अदालत में भी पेश कर दिया। लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं दी। उन्होंने अपहरण करने वाले अन्य युवकों की गिरफ्तारी के लिए 30 घंटे का अल्टीमेटम दिया। परिजन मुकेश नंबरदार ने कहा कि यदि तय समय सीमा में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ रोड जाम कर देंगे।
‘इस मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। मामले में कई बातें मेल नहीं खा रही है। आरोपी मुनेश उर्फ मुन्नड़ को रिमांड के बाद अदालत में पेश किया था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया है। मामले में अभी जांच जारी है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
-धीरज कुमार, डीएसपी मुख्यालय, झज्जर।