आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने रामपाल प्रकरण पर कहा कि जब तक कोई व्यक्ति अपराधी साबित न हो, निर्दोष ही माना जाएगा।
अगर उन्होंने (रामपाल ने) कुछ किया है तो उस पर ध्यान देकर आगे बढ़ना चाहिए।
खराब या गलत को मन में लेकर दुखी होने की जरूरत नहीं है।
आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर अपने प्रदेश दौरे के दौरान रोहतक में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वे जनता से कहना चाहते हैं कि जब तक रामपाल अपराधी साबित न हो, तब तक उसे निर्दोष ही माना जाए।
रामपाल प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, देश भर में हजारों बाबा हैं, रामपाल तो सिर्फ एक अपवाद है। इस अपवाद को बड़ा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने माना कि सब बाबाओं की संपत्ति की जांच होनी चाहिए। वे यहां बोहर गांव स्थित स्कॉलर रोजरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों से रूबरू होने आए थे। उन्होंने बच्चों को आध्यात्म की राह पर चलने की सीख दी। साथ ही, योग को अपनाने की अपील भी की। 40 मिनट तक चले कार्यक्रम में रविशंकर ने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए।
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मेडीटेशन से बदलता है ब्रेन स्ट्रक्चर
श्री श्री रविशंकर ने कहा कि योग व मेडीटेशन ब्रेन स्ट्रक्चर को बदलने और शारीरिक व मानसिक मजबूती के लिए जरूरी है। इसके और भी कई फायदे हैं। इससे हमारी बुद्घि में वृद्घि होती है। सभी नकारात्मक भावनाएं खत्म होती हैं। कहा, विश्व भर में योग का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद योग दिवस मनाए जाने की बात कही है।