वो दुनिया के सबसे महान क्रिकेटर रहे हैं। वो अब हमारे भारत रत्न हैं। वो हमारी संसद के माननीय सदस्य हैं। भारत रत्न बनने के बाद भी सचिन तेंदुलकर कई तरह के विज्ञापन और मॉडलिंग में शिरकत कर रहे हैं। समाज के अलग-अलग तबकों के लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। जेडीयू के महासचिव के सी त्यागी का कहना है कि सचिन को देश के सबसे बड़े सम्मान की गरिमा को देखते हुए इस तरह के विज्ञापनों को रोक देना चाहिए। एक तरफ सबसे बड़े सम्मान की गरिमा का सवाल है तो दूसरी तरफ सचिन के वे करार जो भारत रत्न बनने से पहले कई कंपनियों से कर चुके थे। जीविकोपार्जन के लिए धन अर्जित करने का अधिकार सभी को है फिर वो भारत रत्न ही क्यों न हो। हां सचिन को इतना ध्यान रखना जरूरी है कि उनके किसी विज्ञापन से कोई गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।