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कोई प्रैक्टिस करने नहीं आ सका, कोई ड्यूटी पर

Mon, 08 Sep 2014 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
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दिल्ली में पेमेंट देने के लिए जाना जरूरी था। बस नहीं मिली। क्रूजर से गया था। रास्ते में ही इस क्रूजर ने छोड़ दिया। पैसे भी अतिरिक्त नहीं थे। दिनभर परेशान होकर देर रात को किसी तरह घर पहुंचा हूं।
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सोनू, गोहाना

अपने साथियों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए राजीव गांधी स्टेडियम में आते हैं। शनिवार को 4 घंटे तक खड़े रहे, लेकिन गाड़ी नहीं मिली। आज सुबह भी आने के लिए खरखौदा से आने में कई घंटे लग गए, जबकि मात्र 45 मिनट का रास्ता है। हरियाणा रोडवेज की बसें ही अच्छी हैं।
रवि, खरखौदा

चंडीगढ़ ड्यूटी पर जाना था। दिल्ली से 11 बजे चला था। रोहतक तक आने में करीब 5 घंटे लग गए। अब यहां आकर चंडीगढ़ से आने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। चार घंटे से ज्यादा समय हो गया, लेकिन न ट्रेन मिल रही है और न ही कोई अन्य वाहन। ड्यूटी पर पहुंचना भी जरूरी है।
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अरविंद, नजफगढ़, दिल्ली
 

रविवार को रोडवेज की कुछ बसों को सुबह सवेरे जिला प्रशासन के साथ मिलकर चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। आज सारी बसें खड़ी हैं। इससे लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। उम्मीद है जल्द ही मामला बातचीत से सुलझेगा और हड़ताल समाप्त हो जाएगी।
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मनीष कुमार लोहान, जीएम, रोडवेज, रोहतक
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