दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद फरार हुए पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के बेटे प्रदीप सांगवान के बारे में पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है। अभी तक न तो मोबाइल फोन ट्रेस हुआ और न ही प्रदीप ने पुलिस से कोई संपर्क साधा है। सेक्टर-14 स्थित उनके आवास पर अभी भी विरानी है। उनके समर्थक आ रहे हैं लेकिन प्रदीप से मुलाकात नहीं हो रही है।
देहरादून स्थित जॉयलैंड वाटर पार्क में कैशियर का काम करने वाली युवती ने गत 19 अप्रैल को कांग्रेस नेता प्रदीप सांगवान के खिलाफ दुष्कर्म व अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही प्रदीप सांगवान पुलिस से बचते फिर रहे हैं। पुलिस सोमवार को 9वें दिन भी प्रदीप का कोई अता-पता नहीं लगा पाई। बताया जा रहा है कि प्रदीप सांगवान मामले को रफा दफा कराने के प्रयास को लेकर आरोपी युवती से सैटिंग बिठाने के प्रयास में लगे हैं।
इन्हीं प्रयासों के चलते उन्होंने फिलहाल पुलिस के दबाव से बचने के लिए कोर्ट का सहारा भी नहीं लिया है। हालांकि उन पर जो आरोप लगे हैं वे गैर जमानती है। लेकिन प्रदीप जिस तरह युवती के आरोपों को नकार रहे हैं उनके चलते वे जमानत का प्रयास कर ही सकते है। पर उनकी ओर से अभी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। प्रदीप सांगवान के परिजन व उनके समर्थक भी मामले को लेकर परेशान है। सेक्टर-14 स्थित उनकी कोठी पर दिनभर वीरानी छाई रहती है। कुछ समर्थक आते हैं और प्रदीप से संपर्क का प्रयास करते है। उनके नजदीकी यह कहकर दिलासा दिला रहे है कि झूठे मामले से पर्दा उठाने का प्रयास हो रहा हैं।
आवास पर अभी पुलिस की नजर
सेक्टर 14 स्थित प्रदीप सांगवान के आवास पर स्थानीय पुलिस की बराबर निगाह लगी हुई है। सीआईडी व एसपी सिक्योरिटी के जवान दिन में यहां कई बार चक्कर काटते हैं। साथ ही यहां बैठकर लोगों के साथ हुक्का भी गुड़गुड़ाते हैं। हालांकि देहरादून पुलिस यहां से दो दिन पहले ही जा चुकी है पर माना अब भी जा रहा है पुलिस की नजर इस कोठी पर बनी हुई हैं। प्रदीप सांगवान का मोबाइल फोन भी पिछले 9 दिन से बंद है। पुलिस उनके नंबर को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।