पीजीआई की सीआरएस ओपीडी में एक युवती के लाइन तोड़ने पर विवाद हो गया।
युवती के फोन पर परिजनों के बुलाने पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को काबू किया। युवती का आरोप था कि फार्मासिस्ट दवा देने का तैयार नहीं था।
फार्मासिस्ट प्रेम ने बताया कि शनिवार दोपहर ढाई बजे काउंटर पर हंगामा होना शुरू हो गया। जब मौके पर जा कर देखा तो एक युवती स्टाफ को देख लेने जैसी धमकी दे रही थी।
बहस के बीच युवती के फोन करने पर मौके पर कुछ युवक आ गए और विवाद ज्यादा बढ़ गया। आरोप है कुछ युवकों के हाथ में हथियार भी थे। सूचना महिला सुरक्षा कर्मचारियों को दी गई। लगभग आधा घंटा बाद मुख्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे व हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। विवाद के बाद चर्चा रही कि हंगामा करने वाली युवती पुलिस में है। वह अपने परिजनों के साथ दवा लेने आई थी, कतार में न आने के चलते विवाद हो गया था।
बोले अधिकारी...
कोई खास मामला नहीं था। दोनों पक्ष गलत फहमी के चलते उलझ गए थे। किसी के हाथ में हथियार जैसी कोई चीज नहीं थी। युवती व उसके परिजनों को समझाकर भेज दिया गया है।
बादाम सिंह, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, पीजीआईएमएस।
सोमवार निदेशक से मिलेंगे फार्मासिस्ट
शनिवार दवा काउंटर पर हंगामे के बाद फार्मासिस्टों ने अपनी सुरक्षा को लेकर सोमवार निदेशक से मुलाकात करने की बात कही है। बताया कि वे काउंटर पर भीड़ से अकसर परेशान रहते हैं। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी यहां दबाव बनाने का प्रयास करती हैं, इसलिए यहां नियमित एक पुरुष व एक महिला सुरक्षा कर्मचारी तैनात होना चाहिए।
छेड़खानी करने पर धूना
सीआरएस ओपीडी में एक लड़की से छेड़छाड़ करने वाले युवक को पीजीआई में जमकर धुना गया। इस मामले में लड़का व लड़की दोनों अपने परिजनों के साथ आए थे। सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि लड़की को जब लड़के ने छेड़ा तो लड़की की मां ने लड़के को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। इतने में लड़के ने उल्टे सभी के बीच में लड़की की मां को थप्पड़ मार दिया। इसे देख मौके पर खड़े लोगों ने उस लड़के को जमकर धून दिया। हालांकि, बाद में पता चला कि लड़का व लड़की दोनों एक ही गांव के हैं। इसके चलते किसी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई।