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पीजीआई में एंबुलेंस चालक ने सुरक्षाकर्मी को पीटा

Mon, 08 Sep 2014 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रोहतक
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पीजीआई में रविवार आधी रात को एक निजी एंबुलेंस चालक ने सुरक्षाकर्मी को इमरजेंसी गेट के आगे एंबुलेंस खड़ी न करने देने पर पीट दिया।
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सीएमओ और पीजीआई थाने में शिकायत दी गई। लेकिन शिकायत के दो घंटे बाद भी पुलिस नहीं पहुंची, जबकि यहां 24 घंटे पीसीआर तैनात रहने के आदेश हैं।
सुरक्षा कर्मचारी देवेंद्र ने बताया कि रात करीब दस बजे आपात विभाग के बाहर मकड़ौली निवासी भूपेंद्र एंबुलेंस ले कर आया। उसने कहा कि वह एंबुलेंस गेट पर न खड़ी करे, जब मरीज आए तो वह बाद में गेट पर ले आए।

भूपेंद्र ने गाली गलौच करते हुए उसे पीटना शुरू कर दिया। शिकायत सुरक्षा सुपरवाइजर रामकंवार को दी। सुपरवाइजर आए तो उसे भी पीटने लगा। इस पर सुरक्षा कर्मचारी भूपेंद्र को पकड़कर आपात विभाग के सीएमओ के पास ले गए। सीएमओ के कक्ष में भी काफी बहस हुई।
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बाद में भूपेंद्र को लेकर पीजीआई थाना ले जाया गया और सीएमओ की ओर से फारवर्ड की गई लिखित शिकायत भी दे दी। सुरक्षा कर्मचारी लोकेश व अशोक ने बताया कि पुलिस ने आरोपी का मेडिकल कराने की बजाए छोड़ दिया। इसके बाद भूपेंद्र फिर आपात विभाग के बाहर आया व सुरक्षा कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने लगा।
पुलिस बोली हमें परेशान न करो
शिकायत थाने में करने गए तो पुलिस ने कहा कि तुम्हें दिन में महिलाएं पीटती हैं और रात को खुद पिटते हो। जाओ यहां से हमें परेशान न करो। हैरानी की बात रही कि पुलिस रात 12 बजकर 52 मिनट पर पहुंची। सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि पुलिस पीसीआर यहां नियमित नहीं खड़ी रहती। इसलिए यहां बदमाशों के हौसले बुलंद हैं।

बाले एसएचओ
शिकायत आई है। सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि झगड़ा करने वाला निजी एंबुलेंस चालक है। मामले की जांच करवाई जाएगी। वहीं, एंबुलेंस चालक की तरफ से भी शिकायत दी गई है कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा। सुबह दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा।
एमआई खान, एसएचओ, थाना पीजीआई, रोहतक।

बोले सीएमओ
सुरक्षा कर्मचारी व सुपरवाइजर के साथ निजी एंबुलेंस चालक ने मारपीट की है। शिकायत पीजीआई थाना को भेज दी है। रात को पीसीआर आपात विभाग के बाहर नहीं थी और शिकायत के बाद भी पुलिस देर से पहुंची। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
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डॉ. प्रदीप, सीएमओ, आपात विभाग, पीजीआई, रोहतक।

तेजबीर गवा चुका है जान
पीजीआई के आपात विभाग में 2011 में भी एक सुरक्षा कर्मचारी तेजबीर जान गवा चुका है। इसके बाद से पीजीआई के आपात विभाग के बाहर एक पीसीआर की तैनाती की गई थी। लेकिन रविवार रात की घटना के बाद फिर सवाल खडे़ हो गए हैं कि शिकायत के बाद पुलिस करीब तीन घंटे बाद मौके पर क्यों नहीं पहुंची। जबकि चंद कदम दूरी पर ही थाना है।
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