डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) की टीम ने बृहस्पतिवार को पोस्ट ग्रेजुएट डेंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (पीजीडीआईएस) का निरीक्षण किया।
डेंटल कॉलेज अपनी एमडीएस (ऑर्थोडोंटिस्ट) की तीन सीटों को स्थाई मान्यता दिलाना चाहता है। इसके लिए कॉलेज द्वारा किए गए आवेदन पर डीसीआई की टीम ने पहले भी दो बार निरीक्षण किया था।
बृहस्पतिवार को टीम का तीसरा दौरा था और नियमानुसार एक दौरा और होना है। व्यवस्था सही पाए जाने पर एमडीएस (ऑर्थोडोंटिक्स) की स्थाई सीटें एक से तीन हो जाएंगी।
टीम ने छह अन्य विभागों का भी दौरा किया। इन विभागों में भी सीटें बढ़ाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। टीम में सुंदर नगर डेंटल कॉलेज के डॉ. अनिल सिंगला और अलीगढ़ डेंटल कॉलेज के डॉ. संजीव वर्मा शामिल थे।
एमडीएस (ऑर्थोडोंटिस्ट) का महत्व
प्रदेश के 8 डेंटल कॉलेजों में एमडीएस की 24 सीटें हैं। निजी कॉलेजों में इस कोर्स की फीस आठ से नौ लाख रुपये वार्षिक है, जबकि पीजीडीआईएस में सिर्फ 20 हजार। पीजीडीआईएस, एमडीएस के छात्र को 50 हजार रुपये प्रति माह स्टाइपेंड भी देता है।
इन कोर्सों की सीटों पर भी होगा विचार
कोर्स मौजूदा व आवेदित सीट
एंडोडोंटिस्ट तीन से पांच
पीडोडोंटिस्ट दो से तीन
ओरल सर्जरी दो से तीन
प्रोस्थोडोंटिस्ट एक से तीन
पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री तीन
डीसीआई की टीम ने कॉलेज का दौरा किया है। हमने कुछ सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इसकी उन्होंने जांच की है। उम्मीद है कि सीटों को जल्द मान्यता मिल जाएगी। इससे प्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले मेडिकल स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा।
डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीडीआईएस, रोहतक