लगातार हो रहे सड़क हादसों और ट्रैफिक समस्या को देखते हुए प्रशासन ने शहर में सुबह 07.30 बजे से शाम 07.30 बजे तक ओवरलोड वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। पुलिस ने नगर परिषद की सीमा पर ही ओवरलोड और भारी वाहनों को रोकने की तैयारी कर ली है।
बाईपास निर्माण के लिए शहर के लोग कई बार मांग उठा चुके हैं। बाईपास निर्माण को मंजूरी मिले भी कई साल बीत चुके हैं लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इस बीच शहरी क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ रहा था। रोड़ी, बजरी, पत्थर आदि बिल्डिंग मैटेरियल लेकर रोजाना करीब एक हजार से अधिक भारी वाहन राजस्थान सीमा से महेंद्रगढ़ सीमा में प्रवेश कर रहे है।
यह शहरी क्षेत्र से होकर गुड़गांव, रोहतक समेत पंजाब, हिमाचल और दिल्ली आदि जगहों पर जा रहे हैं। इन ओवरलोड वाहनों के कारण शहर में रोजाना कोई न कोई दुर्घटना हो रही थी।
हादसों पर अंकुश लगाते हुए सितंबर 2013 में जिलाधिकारी ने शहरवासियों की मांग पर शहर में ओवरलोड वाहनों की एंट्री पर दिन के समय पाबंदी लगा दी थी।
प्रशासन की ओर से महेंद्रगढ़ रोड पर नसीबपुर के आगे नहर के पास, रेवाड़ी रोड पर पुल के पास, सिंघाना रोड पर गहली चौकी, निजामपुर रोड पर जोरासी बांध और नांगल चौधरी रोड पर धौलेड़ा मोड़ के पास ओवरलोड वाहनों को रोकने के आदेश दिए थे।
बाकायदा प्रशासन की ओर से नोटिस बोर्ड भी इन सीमाओं पर लगाया गए थे। यहां से वाहन रात को साढ़े सात बजे के बाद शहर में एंट्री करते थे।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा
इस संबंध में अमर उजाला ने मार्च और अप्रैैल माह में ओवरलोड वाहनों से हो रही समस्या के संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। ओवरलोड वाहन कई बार हादसों का कारण बन चुके हैं और इन हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, नारनौल संघर्ष समिति ने भी बाईपास निर्माण न होने तक ओवरलोड और भारी वाहनों की एंट्री दिन से समय बंद करने की मांग उठाई थी।
मंगलवार को भी दिखी कतार
मंगलवार नांगल चौधरी रोड पर रेलवे फाटक के पास ओवरलोड वाहनों की लंबी लाइन दिखी। इस नो एंट्री से दिनभर सड़क मार्ग भी खुले दिखे। आदेश से सबसे ज्यादा महावीर चौक पर लगने वाले रोजाना के जाम से छुटकारा मिलेगा। वहीं चौक पर जाम खुलवाने में रोजाना परेशानी झेल रहे ट्रैफिक पुलिस को भी राहत मिलेगी।