जिले में शराब के ठेकों का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को भौंसला गांव की महिलाओं ने विरोध करते हुए शराब ठेके पर ताला लगा दिया। महिलाओं ने शराब ठेके पर तोड़फोड़ की और यहां रखी बीयर और देशी शराब की बोतलों की कई पेटियों को बाहर फेंक दिया।
विरोध कर रही महिलाओं ने गांव की सीमा के अंदर शराब का ठेका नहीं खुलने देने का ऐलान किया। प्रशासन, शराब ठेकेदार को शराब का ठेका गांव की सीमा से बाहर 72 घंटे तक ले जाने का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर महिलाओं ने फिर से विरोध करने की चेतावनी दी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला इंस्पेक्टर संतोष कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद शराब का ठेका खुलवाया।
गांव में इकट्ठा हुई महिलाएं
शराब का ठेका बंद कराने के लिए महिलाएं गांव में इकट्ठा हुई। यहां से महिलाएं ठेके के पास पहुंची। ठेके पर ताला लगा हुआ था। यहां ठेका बंद करने की मांग को लेकर महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने ठेके का ताला तोड़ कर यहां से शराब की पेटियां, बोतलें बाहर फेंकनी शुरू कर दी। महिलाओं के साथ-साथ स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों, छात्राओं तक ने शराब की बोतलों को बाहर फेंका।
ये है विरोध का कारण:
महिला बिमला, संतरो, माया, कमलेश ने कहा कि गांव में आठवीं तक का स्कूल है। गांव की बेटियां पढ़ाई करने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर कहसून गांव में पढ़ने के लिए जाती हैं। स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं, खेतों में जाने वाली महिलाओं के साथ नशेड़ी अभद्रता करते हैं। कहसून रोड पर बाबा धोकपुरी का मंदिर होने के चलते यहां महिलाएं अपने परिवार के साथ-साथ पूजा-अर्चना के लिए जाती हैं। पियक्कड़ों हर समय लगने वाले जमावड़े के कारण महिलाओं का मंदिर तक जाना दूभर हो गया है।
प्रशासन को खुली चेतावनी:
महिलाओं ने प्रशासन को 72 घंटे का समय है। इस दौरान अगर शराब का ठेका गांव की सीमा से बाहर नहीं गया तो महिलाएं कड़ा कदम उठा सकती हैं। महिलाओं ने शराब ठेकेदारों पर आरोप लगाया गया कि शराब के ठेके अंदर लाठी, डंडे रखे होते है। यहां से आने-जाने वाले गांव के युवाओं को पीटा भी जाता है। बुधवार शाम को गांव के एक युवक की डंडों से पिटाई भी की गई। गांव के लोगों का जीना दूभर हो गया है।
सरपंच भी विरोध में
सरपंच राममेहर ने कहा कि शराब के ठेकेदार गांव के युवाओं के साथ मारपीट भी करते हैं। यहां कहसून रोड पर बाबा धोकपूरी की पूजा-अर्चना का स्थान है यहां महिलाएं जाती हैं इसलिए यहां से गांव का ठेका बंद करवाना चाहते हैं।
लगातार हो रहा है विरोध
जिले में लगातार शराब ठेकों का विरोध हो रहा है। इससे पहले काब्रछा, किनाना, गढ़वाली और लिजवाना गांवों में भी ठेकों का विरोध हो चुका है। काब्रछा और लिजवाना गांव में तो लोगों ने शराब ठेकों को आग तक लगा दी थी। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने ठेकेदारों के साथ मीटिंग भी की थी।
गांव की महिलाओं द्वारा शराब ठेके पर ताला लगाया गया था। उन्हें समझा बुझाकर शांत कर दिया गया। इसके बाद महिलाओं ने ताला भी खोल दिया। अब गांव के लोग प्रशानिक अधिकारियों से मिलकर कोई समाधान निकालेंगे।
संतोष देवी, पुलिस निरीक्षक