वर्ष 2006 में हत्या के मामले में करौंथा स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल और उनके समर्थकों को शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया।
अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 जनवरी 2015 निर्धारित की है। हत्या के मामले में रामपाल समेत 38 आरोपी हैं।
इनमें से 31 आरोपी पेश हुए जबकि सात के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। रामपाल को रोहतक कोर्ट में पेशी के लिए हिसार जेल से लाया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद रामपाल समेत 9 आरोपियों को वापस हिसार जेल भेजने के आदेश दिए। रामपाल की पेशी को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश हुआ रामपाल
रामपाल दास समेत 9 आरोपियों को शुक्रवार सुबह करीब 11 बजकर 35 मिनट पर कैदी वाहन में हिसार जेल से अदालत पहुंचा। अदालत परिसर में चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अदालत की ओर जाने वाले रास्तों को बैरीकेड लगाकर बंद किया गया। 10 मिनट बाद पुलिस ने रामपाल व उसके साथियों को कैदी वाहन से बाहर निकाला और उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार गुप्ता की अदालत में पेश किया। 12.20 मिनट पर अदालत में हाजिरी लगाने के बाद रामपाल व उसके साथियों को वापस कैदी वाहन में बैठाया गया। 15 मिनट बाद कैदी वाहन वहां से कड़ी सुरक्षा के बीच हिसार के लिए रवाना हो गया।
हिसार जेल से पहुंचे ये आरोपी
हिसार जेल में बंद रामपाल के अलावा राजेंद्र, रविंद्र ढाका, राजकपूर, मनोज, सुनील, वीरेंद्र, पुरुषोत्तम और धर्मेंद्र को लेकर पुलिस आई थी।
38 आरोपियों में से 31 ने लगाई हाजिरी
करौंथा आश्रम कांड मामले में कुल 38 आरोपी हैं। इनमें शुक्रवार को 31 ने कोर्ट में हाजिरी दर्ज कराई। जिनमें हिसार जेल से आए नौ आरोपियों के अलावा कृष्ण कुमार, सूरजमल, सुरेंद्र, रविंद्र, महेंद्र, हरजीत, ईएचसी जसवीर सिंह, ईएचसी बिजेंद्र सिंह, हवा सिंह, कृष्ण, आजाद सिंह, रामफल, जितेंद्र, सतपाल सिंह, जगदीश सिंह, प्रेम सिंह, अशोक कुमार शामिल रहे। इसके अलावा विनय को रोहतक जेल से पेशी पर लाया गया। बिजेंद्र व देवेंद्र हिरासत में है जबकि सतीश चंद्र को पेशी से छूट है। इसके अलावा 7 आरोपी जो अनुपस्थित रहे उनमें विजय, जगबीर, मुकेश, बसंत, महेंद्र, अमित और अनिल शामिल रहे। अदालत ने सभी 7 अनुपस्थित रहे आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर मामले में अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी 2015 की तारीख तय की है।
ये है मामला
थाना सदर अंतर्गत करौंथा स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल दास द्वारा आर्य समाज के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर माहौल बिगड़ा था। 12 जुलाई 2006 को आर्य समाज समर्थक और रामपाल के समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें सोनू नामक एक युवक की मौत हो गई थी। रोहतक पुलिस ने 13 जुलाई की अल सुबह रामपाल समेत दर्जनों समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था। रामपाल व उनके अनुयायियों के खिलाफ हत्या समेत कई अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। कुल 38 आरोपी बनाए गए थे। इस मामले में रामपाल करीब 22 माह तक सुनारियां जेल में बंद रहा। इस बीच रोहतक प्रशासन ने करौंथा के सतलोक आश्रम को अपने कब्जे में ले लिया। अप्रैल 2008 में उसे जमानत मिली। जमानत मिलने के बाद रामपाल ने अपनी गतिविधियां हिसार के बरवाला स्थित आश्रम से संचालित करनी शुरू कर दी। बरवाला में विवाद के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 20 नवंबर 2014 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल की जमानत रद्द कर दी। कोर्ट में पिछली सुनवाई 3 दिसंबर थी। तब रोहतक कोर्ट ने रामपाल के प्रोडक्शन वारंट जारी किए थे।
20 मिनट तक सिर झुका कर खड़ा रहा रामपाल
अदालत में आरोपी रामपाल के साथ उसके अनुयायी भी मौजूद रहे। करीब 20 मिनट तक चली अदालती कार्रवाई के दौरान रामपाल सिर झुकाए खड़ा रहा। इतना ही नहीं गाड़ी से नीचे उतरने से लेकर अदालत में कार्रवाई और कैदी वाहन में वापस बैठने तक रामपाल ने किसी से बात नहीं की।