एक नई लीथियम बैटरी का अगले साल तक बड़े पैमाने पर उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की संचालन क्षमता तीन गुनी बढ़ सकती है और उसके रखरखाव पर होने वाला खर्च भी घट सकता है।
मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित यह बैटरी एक बड़े दायरे में तापमान को बर्दाश्त कर सकती है।
समाचार पत्र आइरिश टाइम्स के मुताबिक एमआईटी के किचाओ हू ने कहा, 'इससे लैपटॉप और स्मार्टफोन दोगुने अधिक समय तक चल पाएंगे।'
किचाओ ने बैटरी को पूर्व प्रोफेसर और बैटरी विशेषज्ञ डोनाल्ड सैडोवे के साथ मिलकर तैयार किया है।
10 ऐसी कंपनियां जहां हर कोई चाहता है नौकरीअभी इलेक्ट्रिक कारों में जिस बैटरी का इस्तेमाल होता है, वह जल्दी गर्म हो जाती है और यदि कार रोककर उसे ठंडा न किया जाए, तो उसमें आग पकड़ लेती है।
बैटरी काफी महंगी पड़ जाती है और यह जल्द खराब भी होती है। नई बैटरी वर्तमान बैटरी से करीब 20 फीसदी सस्ती हो सकती है।
हू ने उम्मीद जताई है कि 2016 की पहली छमाही तक इस बैटरी का उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक श्रेणी में उत्पादन होने लगेगा और दूसरी छमाही में इलेक्ट्रिक कारों में उपयोग होने लगेगा।