इसमें कोई दो राय नहीं है कि इन दिनों मोबाइल सिर्फ फोन न रहकर हमारी व्यक्तिगत जानकारी की तिजोरी बन चुका है। जाहिर है, इसी वजह से हमें मोबाइल और अपने डाटा को सुरक्षित रखने की जरूरत पड़ती है।
मोबाइल स्क्रीन को लॉक और अनलॉक करने के लिए मोबाइल कंपनियां नए-नए तरीके जैसे पैटर्न लॉक, फिंगरप्रिंट लॉक, रेटिना लॉक की तकनीक यूजर्स के सामने पेश कर चुकी हैं। साथ ही नई चीजों पर भी हाथ आजमा रही हैं।
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लेकिन यह खबर एक कदम और आगे की है। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक ने बैटीरिया पर एक नई शोध की है। इस शोध के अनुसार इनसान के मुंह में जो बैक्टीरिया होते हैं, वे एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। इनका इस्तेमाल इंसान की पहचान के रूप में भी किया जा सकता है।
इस शोध ने पाया गया कि इंसान के मसूड़े में पाए जाने वाले ये बैक्टीरिया, फिंगरप्रिंट से ज्यादा प्रभावशाली होते हैं। साथ ही ये इंसान की पहचान बताने में भी सक्षम होते हैं।
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वैज्ञानिकों ने 100 अलग-अलग लोगों पर शोध में इस बैक्टीरिया की 400 से अधिक अलग-अलग प्रजातियां पाई हैं।
ज्यादा बैक्टीरिया अलग-अलग थे, जबकि ऐसे बैक्टीरिया काफी कम रहे, जो एकसमान थे। जो एकसमान थे, उनमें भी अलग-अलग मुल्क के हिसाब से कुछ अंतर पाया गया।
अगर इस संबंध में और जानकारी इकट्ठा की गई तो निश्चित रूप में इन बैक्टीरिया का इस्तेमाल मोबाइल स्क्रीन को अनलॉक करने में शामिल किया जा सकेगा।