अब मोबाइल बता देगा कि किस प्रजाति के सांप ने काटा है। मेरठ के युवक आइआइआइटीएम के छात्र ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो कुछ सवालों के मोबाइल पर जवाब देने पर यह बता देगा।
यह साफ्टवेयर शरीर में जहर की गंभीरता का भी खुलासा करेगा। डॉक्टर को टेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी। वह सीधे इलाज करके जान बचा सकेगा। भारत के इस शोध को हाल ही में इंडोनेशिया के एक कांटेस्ट में अवार्ड मिला है।
छह माह में हासिल की सफलता
मेरठ के पल्लवपुरम फेज वन निवासी शरद सिंहल के बेटे मानव सिंहल ने ये सॉफ्टवेयर तैयार किया है। मानव इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्वालियर से कंप्यूटर साइंस में एमटेक कर रहा है।
छह महीने में मानव ने यह सॉफ्टवेयर प्रोफेसर अनुपम शुक्ला के निर्देशन में तैयार कर लिया। बकौल मानव इंस्टीट्यूट पर इस विषय पर पहले से काम चल रहा था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही थी।
ऑनलाइन कर सकेंगे डाउनलोड
मानव ने सॉफ्टवेयर को वीनोमेक्स नाम दिया है। ये सॉफ्टवेयर गूगल से डाउनलोड किया जा सकता है। खासियत ये है कि सॉफ्टवेयर केवल एंड्रायड मोबाइल पर ही चलेगा।
मानव ने बताया कि भारत में सांप की छह प्रजातियां हैं, जिनके द्वारा अक्सर काटने के मामले सामने आते हैं। जहर और सांप की प्रजाति का पता नहीं चलने की वजह से जान भी चली जाती है।
सॉफ्टवेयर डॉक्टर और मेडिकल जानकारों की मदद के लिए है। इसमें सिर्फ करना यह है कि सांप काटने के बाद सवालों के जवाब देने हैं। सॉफ्टवेयर में 25 सवाल रखे हैं। जवाब सिर्फ हां और ना में देने होंगे। इससे शरीर में जहर कितना फैल चुका है, ये भी पता चल जाएगा।
जकार्ता में अवार्ड
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में 27 से 29 सितंबर तक एलवियोन इंटरनेशनल सॉफ्टवेयर कांटेस्ट हुआ था। इसमें विश्व की 15 टीमों ने भाग लिया।
कांटेस्ट दो कैटेगरी मोबाइल ऐप्लीकेशन और वेबसाइट डेवलेपमेंट में हुआ। थीम इवॉल्यूशन एरा हेल्प पीपुल विद न्यू आइडिया थी। मानव को थर्ड प्राइज मिला। ट्रॉफी और 750 डॉलर भी मिले।
इस तरह के होंगे सवाल
सांप ने कितनी दूर से काटा, उल्टी आ रही है या नहीं, मरीज कोमा में है या नहीं, मरीज की उम्र कितनी है आदि सवालों के जरिए विष के प्रकार और उसके असर की गहराई का आंकलन किया जा सकेगा।