दिल्ली के एक युवक की बादली के नजदीक नहर में डूबने से मौत हो गई। करीब 20 वर्षीय छात्र अपने दोस्तों के साथ नहर में नहाने आया था। पुलिस ने शव को माइनर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली के जाफरपुर स्थित राव तुलाराम सरकारी अस्पताल भिजवा दिया है।
दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला रोहित पुत्र राजपाल निवासी नजफगढ़ अपने दोस्तों के साथ बादली के पास एनसीआर माइनर में नहाने आया था। दोपहर को जब वह अपने दोस्तों के साथ माइनर में नहा रहा था, कि अचानक उसका पांव फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। रोहित ने शोर मचाया, जिस पर उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास भी किया, मगर रोहित को पानी से बाहर नहीं निकाल सके। रोहित के साथ आए दोस्तों का शोर सुनकर राहगीरों घटनास्थल पर दौड़ते हुए पहुंचे। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को मामले की जानकारी दी। इस बीच कुछ तैराक माइनर में कूदकर रोहित को तलाशने लगे। पुलिस के पहुंचने तक तैराकों ने रोहित को बाहर निकाल लिया था, लेकिन काफी देर हो चुकी थी। रोहित दम तोड़ चुका था। पुलिस ने छात्र की पहचान के लिए परिजनों को बुलाया। परिजनों के आने के बाद पुलिस ने शव को दिल्ली के अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
कई घरों के माइनर में बुझ चुके हैं चिराग
बहादुरगढ़। बादली क्षेत्र से गुजरने वाली गुड़गांव माइनर में कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं। पिछले एक साल में ही माइनर में डूबकर मरने वालों की संख्या दर्जन के पार हो चुकी है। पंद्रह दिन पहले भी माइनर में डूबने से तीन युवकों मौत हो चुकी है। इनमें दो युवक लुकसर और एक दिल्ली का रहने वाला था। पिछले साल जून माह में ही दिल्ली के एक निजी स्कूल के तीन छात्र एनसीआर माइनर में नहाने के लिए आए थे। उस दर्दनाक हादसे में दो छात्रों की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद दिल्ली के ही ईशापुर गांव, नोएडा और गुड़गांव के तीन साथी माइनर के पास शराब पीने के बाद नहाते समय डूब गए थे, जिनमें दो को बचा लिया गया था। एक युवक का शव दो दिन कड़ी मशक्कत के बाद मिल सका था। एक ईंट भट्ठे के दो श्रमिकभी रात के समय माइनर में गिर गए थे, उनके शव दो दिन बाद मिले थे। इसके अतिरिक्त आए दिन माइनर में शवों के मिलने का सिलसिला जारी रहता है। शायद ही कोई ऐसा सप्ताह हो, जिसमें किसी महिला या पुरुष का शव माइनर में नहीं मिलता हो। अधिकतर शवों की पहचान नहीं हो पाती। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है वैसे वैसे हर साल माइनर में नहाने वालों की संख्या भी बढ़नी शुरू हो जाती है। इससे पहले केवल ईंट भट्ठों पर कार्यरत श्रमिक ही माइनर में नहाते और कपड़े धोते थे। मगर अब पूरा दिन नहाने वालों की भीड़ लगी रहती है। इतना ही नहीं राहगीर व वाहन चालक भी गाड़ी रोककर माइनर में डुबकी लगाते हैं।
क्या कहती है पुलिस
गुड़गांव माइनर बहुत गहरी है। इसमें पानी का बहाव भी बहुत तेज होता है। जिसको तैरना नहीं आता, उसको इसमें कतई नहीं नहाना चाहिए। तैरने वालों को भी इसमें नहाने से बचना चाहिए। अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नहर के पास सावधानी के संकेत बोर्ड लगाने के लिए भी संबंधित विभाग से बातचीत की जाएगी।
-धर्मपाल राठी, इंचार्ज
पुलिस चौकी, बादली
--------------