फतेहनगर कॉलोनी के एक घर में रविवार देर रात दो युवकों ने घर में घुसकर एक व्यक्ति पर फायरिंग कर दी।
व्यक्ति ने तख्त के नीचे छिपकर जान बचाते हुए शोर मचाया। शोर सुनकर आस-पास के लोगों के जमा होने पर दोनों युवक फरार हो गए।
पुलिस ने शिकायत के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप हे कि 6 जुलाई को उसके बेटे की संदिग्ध हालत में करंट लगने से मौत हो गई थी।
उसने 9 लोगों पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। इसकी जांच सीआईए कर रही है। इस मामले में उस पर दबाव बनाने के लिए ही फायरिंग की गई है। उसने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि आरोपियों से उसके परिवार को जान का खतरा है।
फतेहनगर कॉलोनी निवासी करीब 45 वर्षीय बलवंत ने बताया कि रविवार रात को वह घर में लेटा था। बिजली नहीं थी। करीब 12:15 बजे बाइक पर दो युवक दरवाजे के सामने आकर रुके।
उनमें पीछे बैठा युवक घर में घुसकर फायरिंग करने लगा। लेकिन वह तख्त के नीचे छिप गया और शोर मचाने लगा। बलवंत के छिपने से गोलियां दीवारों पर जा लगीं।
शोर सुनकर जब आस-पास के लोग एकत्र होने लगे, तो हमलावर फरार हो गए। बलवंत ने बताया कि हमलावरों में से एक ने काले रंग की टोपी पहनी थी।
घटना की शिकायत सब्जीमंडी थाना पुलिस को दी। थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बलवंत की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो माह पहले सूर्या नगर में मिला था मृत
बलवंत ने आरोप लगाया कि उसका बेटा बिट्टू अपने मौसेरे भाई के साथ 6 जुलाई की रात सूर्या नगर में गया था। वहां रात को करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी।
बिट्टू के चेहरे और पेट के नीचे ही करंट लगने के निशान थे। बाकी शरीर ठीक था। उसकी बनियान भी शरीर से नहीं चिपकी थी। बिट्टू के मौसेरे भाई की एक लड़की के चक्कर था। उसे शक था कि बिट्टू भी उसी लड़की के चक्कर में है। इसलिए उसकी हत्या की गई थी।
इस मामले की जांच जारी है। जांच के दौरान कोई भी जानकारी देना संभव नहीं है। जांच पूरी होने के बाद मामले की जानकारी दी जाएगी।
मनोज कुमार, प्रभारी सीआईए प्रथम, रोहतक