भाजपा नेता विजय जौली के बाद अब पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी भी तरुण तेजपाल कांड को लेकर विवादों में घिर गई हैं। आरोप है कि लेखी ने ट्विटर पर यौन उत्पीड़न मामले की पीड़ित महिला पत्रकार के उपनाम का खुलासा कर दिया।
हालांकि लेखी का दावा है कि यह ट्वीट उन्होंने नहीं किया। लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग ने लेखी के इस ट्वीट को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को उन्हें नोटिस जारी किया है।
महिला आयोग ने लेखी से अगले 25 घंटे के अंदर जवाब मांगा है। आयोग की सदस्य शमीमा शफीक ने लेखी की आलोचना भी की है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनी तौर पर भी गलत है।
इसलिए आयोग ने उनसे जवाब मांगा है। दूसरी तरफ लेखी का दावा है कि यह किसी की राजनीतिक साजिश है। उन्होंने कहा कि वे तय समय पर आयोग को अपना जवाब दे देंगी।
लेखी ने अमर उजाला से कहा कि उन्होंने तहलका पत्रिका की पूर्व पत्रकार और यौन शोषण की पीड़ित युवती का उपनाम अपने ट्विटर अकाउंट में कभी नहीं लिखा।
यह काम किसी ने उनका अकाउंट हैक कर राजनीतिक साजिश के तहत किया है। लेखी ने कहा कि इस नाम को पांच मिनट बाद ट्वीट से हटा भी दिया गया।
इस पांच मिनट के दौरान उसकी तस्वीर ले ली गई व फिर बहस भी छेड़ दी गई। उन्होंने कहा कि वे खुद वकील हैं और इस तरह की गलती नहीं कर सकती हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि इससे पहले भी उनके जीमेल, फेसबुक और ट्विटर अकाउंट हैक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे अपना फोन गाड़ी में छोड़ गई थीं, हो सकता है इस दौरान भी किसी ने गड़बड़ी कर दी हो।