मनमोहन सिंह ने लंवे वक्त बाद करीब सवा घंटे तक मीडिया का सामना किया। उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब देने की औपचारिकता तो निभाई लेकिन देश के लिए कोई खास संदेश देने में वो नाकाम ही दिखाई दिए। पीएम ने माना कि वे आम आदमी की नब्ज भांपने में नाकामयाब रहे। नरेंद्र मोदी को बड़ी चुनौती मान चुके प्रधानमंत्री उन पर वार करने से नहीं चूके, तो इशारे-इशारे में राहुल को देश का अगला प्रधानमंत्री भी बता दिया। साथ ही दिल्ली में कांग्रेस को धूल चटाने वाली आम आदमी पार्टी की प्रशंसा भी की। चुप्पी साधने के लिए मशहूर रहे प्रधानमंत्री ने माना कि मुल्क की आर्थिक सेहत कमजोर हुई है। यहां तक कि सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने में भी असफल रही। अब आगामी चुनाव में देश की जनता उनके कामकाज का आंकलन करेगी।