मलयेशिया के शिक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने समलैंगिकता के मामलों की गंभीरता से देखा है और वह इसे स्कूलों में फैलने से रोकना चाहता है। मंत्रालय ने यह फैसला हाल ही में एक सेमिनार द्वारा बच्चों में समलैंगिक प्रवृतियों को पहचानने के लिए जारी दिशा-निर्देशों से दूरी बनाते हुए किया। अभिभावकों के एक सेमिनार में उपशिक्षा मंत्री मोहम्मद पौद जरकाशी ने कहा कि कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी उठाए जाएंगे। इसमें स्कूलों में काउंसलरों की नियुक्ति करना भी शामिल है, जो अभिभावकों को इसे और इससे पैदा होने वाले खतरों को समझने में मदद करेंगे।
इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दिशा-निर्देश जारी करने का कोई सवाल ही नहीं खड़ा होता है, लेकिन कई लोग यह सोचते हैं कि एलजीबीटी को रोकने में मंत्रालय प्रत्यक्ष रूप से शामिल है। उपशिक्षा मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की राय है कि एलजीबीटी के लक्षणों से अभिभावकों और शिक्षकों को वाकिफ कराया जाए, ताकि युवाओं, खास कर स्कूल जाने वाले बच्चों में संबंधित समस्या की जांच की जा सके।