बीकॉम द्वितीय की परीक्षा देने घर से निकली विवाहिता के एक महीने बाद भी घर नहीं पहुंचने पर नाराज परिजनों ने जींद-पानीपत मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही कई बार आंदोलनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच तनातनी का माहौल रहा। सुबह 11 बजे लगा जाम दोपहर बाद तीन बजे डीएसपी के आश्वासन के बाद खुला। जाम के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नाराज परिजनों का कहना था कि पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर रही है। उधर डीएसपी का कहना था कि पांच के अंदर पुलिस इस केस को सुलझा लेगी।
उपमंडल के गांव रत्ताखेडा निवासी रीटा की शादी 23 मार्च को गांव साहनपुर निवासी मनोज के साथ हुई थी। एक मई को रीटा सफीदों कालेज में बीकॉम द्वितीय की परीक्षा देने गई थी। रीटा अपने पति के साथ रोल नंबर लेने के लिए उसकी सहेली मीनाक्षी के पास गई। मनोज रीटा को मीनाक्षी के पास छोड़कर अन्य काम करने चला गया। जब वह एक घंटे बाद अपनी पत्नी को लेने पहुंचा तो रीटा वहां नहीं मिली। मीनाक्षी के अनुसार रीटा करीब आधा घंटे बाद वहां से चली गई थी। सफीदों पुलिस ने मनोज की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। एक महीने बाद भी पुलिस रीटा को नहीं ढूंढ पाई तो परिजनों ने ग्रामीणोें के साथ मिलकर जींद-पानीपत सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पेड़ काटकर सड़क पर डाल दिए और रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण उनकी एक भी बात सुनने का तैयार नहीं थे। मामला यहां तक बढ़ गया कि ग्रामीणों और पुलिस के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई।
पुलिस पर पड़ी चप्पल
जाम लगा रही महिलाओं और पुलिस के बीच हाथापाई में एक-दो पुलिस कर्मचारी पर महिलाओं की चप्पल भी पड़ी। मामले को बढ़ता देखकर पुलिस ने वहां से खिसकने में ही अपनी भलाई समझी। घंटों के लंबे जाम के बाद आखिरकार जिला मुख्यालय के डीएसपी वीरेंद्र दलाल, डीएसपी धर्मबीर पूनिया, सफीदों के नायब तहसीलदार अनिल कौशिक और डीएसपी रमेश चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को पांच दिन के अंदर इस केस को सुलझाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
चार घंटे तक लगा रहा जाम
रत्ताखेड़ा की महिलाओं में अपनी लाडली के लापता होने पर इतना गुससा था कि चार घंटे के दौरान उन्होंने सड़क से उठने का नाम भी नहीं लिया। सभी महिलाएं सड़क पर बैठी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती रही और सफीदों पुलिस दो घंटे तक नगर के बाईपास पर खड़ी रही। इस दौरान पुलिस इंतजार कर रही थी कि कब जींद पुलिस आए और वे जाम खुलवाने का काम करें। जाम के दौरान महिलाओं में इतना गुस्सा था कि वे सफीदों पुलिस से बात नही करना चाह रही थी। इसके अलावा किसी दो पहिया वाहन को वहां से नहीं निकलने दे रही थी।
पांच दिन में सुलझाएंगे केस
डीएसपी मुख्यालय वीरेंद्र दलाल ने बताया कि ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले को पांच दिन में सुलझा दिया जाएगा। उन्होंने यह केस अपने अधीन लेकर महिला पुलिस टीम गठित करके सीआईए के माध्यम से इस केस की जांच करवाई जाएगी।