आपको अपने घर से बाहर निकलते ही नुक्कड़ की दुकान पर समोसा और गुलाब जामुन मिल जाता है लेकिन इनका लुत्फ उठाने के लिए अमेरिका में बसे भारतीय घंटों यात्रा करते हैं और अच्छा खासा खर्च भी करते हैं।
मिसौरी के निकट सेंट लुईस नाम का एक छोटा सा शहर है जहां देश के कई कोनों से लोग सिर्फ अपने वतन का भोजन करने आते हैं। शहर में करीब आधा दर्जन ऐसे रेस्तरां हैं जो भारतीय व्यंजन परोसते हैं। सेंट लुईस के ‘मयूरी इंडिया रेस्तरां’ के मालिक राव चिलकाला ने कहा कि मेनू में सभी भारतीय व्यंजन शामिल हैं।
बहरहाल, राव के रेस्तरां में समोसा और इडली सांभर के लिए 5.50 डॉलर, मसाला डोसा के लिए सात और दो गुलाब जामुन खाने के लिए 7.5 डॉलर खर्च करने होंगे। राव का कहना है कि उनके रेस्तरां में रोज करीब 200 ग्राहक आते हैं, जिनमें ज्यादातर भारतीय होते हैं।
रेस्तरां से उनकी मासिक आमदनी 50 से 60 हजार डॉलर होती है। एक अन्य रेस्तरां ‘डलास’ के मालिक दयाकांत रेड्डी का कहना है कि उनके रेस्तरां में भी आने वाले ग्राहकों की बड़ी संख्या भारतीयों की ही है लेकिन हैदराबादी बिरयानी का स्वाद अमेरिकी लोगों को भी ‘डलास’ खींच लाता है।